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पत्रकार के सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं, कांटे प्रकरण को लेकर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब का कड़ा रुख


एसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेगा संगठन

(Report Shakti Shrivastav)

संतकबीरनगर/खलीलाबाद। पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ने अब संगठनात्मक स्तर पर आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है। रविवार को खलीलाबाद स्थित एक निजी होटल में जिलाध्यक्ष शक्ति श्रीवास्तव बाबुल, कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष अमित अग्रहरि और महामंत्री मिथलेश धुरिया के नेतृत्व में हुई बैठक में कांटे क्षेत्र से जुड़े कथित दुर्व्यवहार और कोतवाली खलीलाबाद में पत्रकार साथी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पत्रकारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि शिकायतों को दबाने के बजाय तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

बैठक में सामने आए घटनाक्रम पर चर्चा के दौरान पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र में समाज और शासन-प्रशासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में यदि किसी पत्रकार के साथ उसके पेशेगत दायित्व के निर्वहन के दौरान कथित तौर पर दुर्व्यवहार, दबाव या धमकी की स्थिति बनती है तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, पुलिसकर्मी अथवा जनप्रतिनिधि को पूर्वाग्रह के आधार पर निशाना बनाना नहीं, बल्कि पत्रकारों की शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित कराना है।

जिलाध्यक्ष शक्ति श्रीवास्तव बाबुल ने कहा कि पत्रकार हितों की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय की शिकायत सामने आती है तो संगठन उसके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन टकराव की राजनीति में विश्वास नहीं करता, लेकिन पत्रकार के सम्मान से समझौता भी नहीं किया जाएगा।

कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष अमित अग्रहरि ने कहा कि किसी पत्रकार के साथ होने वाली घटना को केवल व्यक्तिगत मामला मानना उचित नहीं है। पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा हर मामला पूरी पत्रकारिता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं महामंत्री मिथलेश धुरिया ने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा रहा है और पत्रकारों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा।

एसपी को सौंपा जाएगा ज्ञापन

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कांटे प्रकरण और कोतवाली खलीलाबाद में पत्रकार साथी के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले में जर्नलिस्ट प्रेस क्लब का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच, संबंधित पक्षों की भूमिका की पड़ताल और जांच में दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।

संगठन का यह रुख महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि पत्रकार संगठनों के सामने अक्सर दोहरी चुनौती रहती है—एक ओर पत्रकारों के अधिकार और सुरक्षा की आवाज उठाना और दूसरी ओर शिकायतों को राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत टकराव में बदलने से रोकना। बैठक में इसी संतुलन पर जोर देते हुए कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के दायरे में संघर्ष करने की बात कही गई।

संगठनात्मक विस्तार पर भी निर्णय

बैठक में जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के संगठनात्मक विस्तार और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों पर भी निर्णय लिया गया। शैलेंद्र मणि त्रिपाठी को संयोजक, शक्ति श्रीवास्तव बाबुल को जिलाध्यक्ष, अमित अग्रहरि को कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष, सदरे आलम खान एवं जितेंद्र पाठक को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रितेश उपाध्याय, विजय गुप्ता एवं हरिओम चौधरी को उपाध्यक्ष तथा मिथलेश धुरिया को महामंत्री बनाया गया।

विजय मिश्रा को संगठन सचिव, केदारनाथ दुबे को संयुक्त सचिव, अंशु सिंह को सचिव, कल्याण भट्ट को प्रवक्ता, कौशल किशोर को जिला उप सचिव, नवनीत श्रीवास्तव एवं संजय श्रीवास्तव को सचिव, विपिन राय को कोषाध्यक्ष, राजेश्वर को मीडिया प्रभारी तथा सतीश पांडे को संगठन ऑडिटर की जिम्मेदारी दी गई।

तहसील स्तर पर सुनील श्रीवास्तव को मेहदावल तहसील अध्यक्ष, मोहन राजभर को खलीलाबाद तहसील अध्यक्ष, अनिल मौर्य को तहसील उपाध्यक्ष और गणेश चौरसिया को तहसील महासचिव बनाया गया।

दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि, परिवारों की मदद का फैसला

बैठक में वरिष्ठ पत्रकार जीएल वेदांती एवं गुलाम अली के आकस्मिक निधन पर पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पत्रकार साथियों को श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई। संगठन की ओर से दोनों परिवारों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक के समापन पर पत्रकारों ने एकजुटता का संकल्प दोहराते हुए कहा कि किसी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर संगठन कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों से उसकी आवाज उठाएगा। बैठक में ‘ईंट से ईंट बजाने’ जैसे आक्रामक मुहावरे को संघर्ष और संगठनात्मक एकजुटता के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठन की कार्रवाई कानून और संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे में होगी।

जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के इस रुख से साफ है कि कांटे प्रकरण अब केवल व्यक्तिगत शिकायत तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि पत्रकार संगठन इसे संस्थागत स्तर पर उठाने की तैयारी में है। अब निगाहें पुलिस अधीक्षक को सौंपे जाने वाले ज्ञापन और उसके बाद होने वाली जांच पर टिकी हैं। निष्पक्ष जांच ही यह तय करेगी कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी वास्तविकता है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

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