निरीक्षण में अधूरे निर्माण पर जताई चिंता, जरूरी सुविधाएं पूरी कर दिसंबर 2026 तक अस्पताल शुरू करने के निर्देश
(By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के पौली ब्लॉक स्थित शिवबखरी में करीब 13 वर्षों से अधूरे पड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को लेकर अब शासन स्तर पर एक बार फिर सक्रियता दिखाई गई है। बुधवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने निर्माणाधीन सीएचसी का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को अधूरे कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कर दिसंबर 2026 तक अस्पताल का संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सीएचसी का निर्माण वर्ष 2013 में शुरू हुआ था और लंबे समय से भवन अधूरा पड़ा है।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्साधिकारी और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों से निर्माण की प्रगति और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निर्देश दिया गया कि भवन को पूरा करने के साथ अस्पताल संचालन के लिए जरूरी संसाधन और सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
वर्षों का इंतजार, अब दिसंबर की समय-सीमा
शिवबखरी सीएचसी का मामला केवल एक अधूरे सरकारी भवन का नहीं, बल्कि लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण क्षेत्र का मुद्दा है। रिपोर्टों के मुताबिक अस्पताल का निर्माण 2013 में शुरू हुआ था और करीब 13 वर्षों से इसके पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है।
ऐसे में दिसंबर 2026 तक संचालन शुरू कराने की समय-सीमा स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, अब असली सवाल यह होगा कि तय समय तक भवन निर्माण, उपकरण, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाएं और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं वास्तव में उपलब्ध हो पाती हैं या नहीं।
केवल भवन तैयार होना और अस्पताल का प्रभावी रूप से संचालित होना दो अलग-अलग बातें हैं। इसलिए प्रशासन के सामने निर्माण पूरा कराने के साथ-साथ मानव संसाधन और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी चुनौती रहेगी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जन चौपाल
सीएचसी निरीक्षण के साथ ही ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा ही संकल्प’ थीम पर जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड वितरित किए गए। स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा अस्वस्थ पुरुषों और महिलाओं को पोषण किट वितरित की गईं।
उपमुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली तथा पेयजल से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार पात्र और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य सुविधा के साथ जवाबदेही भी जरूरी
शिवबखरी सीएचसी के लंबे समय तक अधूरे रहने का घटनाक्रम सरकारी निर्माण परियोजनाओं की समयबद्धता और निगरानी पर भी सवाल खड़ा करता है। वर्षों पहले शुरू हुई स्वास्थ्य परियोजना यदि लंबे समय तक जनता को सेवा नहीं दे सकी तो इसका असर सीधे ग्रामीण आबादी की स्वास्थ्य जरूरतों पर पड़ता है।
अब दिसंबर 2026 की समय-सीमा तय होने के बाद निगरानी की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। जनता की अपेक्षा केवल यह नहीं होगी कि भवन का निर्माण पूरा हो, बल्कि यह भी होगी कि अस्पताल शुरू होने के बाद वहां डॉक्टर, जांच, दवाएं, प्रसव एवं आपातकालीन जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध रहें।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में धनघटा विधायक गणेश चन्द्र चौहान, मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा त्रयम्बक नाथ त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नवागत जिलाधिकारी अनुज मलिक, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रकाश तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
धनघटा विधायक गणेश चन्द्र चौहान ने शिवबखरी सीएचसी के अधूरे निर्माण को पूरा कराने की घोषणा के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार जताया।
अब शिवबखरी के लोगों की निगाह दिसंबर 2026 की तय समय-सीमा पर रहेगी। वर्षों से अधूरे पड़े अस्पताल को यदि निर्धारित समय में आवश्यक सुविधाओं के साथ शुरू किया जाता है, तभी लंबे इंतजार का वास्तविक समाधान माना जाएगा।

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