By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। सरकारी दफ्तरों तक अपनी समस्याएं पहुंचाने के लिए शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिले की तीनों तहसीलों में कुल 175 फरियादियों की शिकायतें सुनी गईं। इनमें से 24 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कराया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
खलीलाबाद तहसील में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जनसुनवाई की, जबकि पुलिस से संबंधित मामलों को पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने सुना। DM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण में केवल खानापूर्ति न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और मामले की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाए।
खलीलाबाद में 92 शिकायतें, 10 का तत्काल निस्तारण
खलीलाबाद तहसील में सबसे अधिक 92 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों से मामलों की जानकारी लेकर 10 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कराया। वहीं 8 मामलों में स्थलीय निरीक्षण के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम भेजी गई।
शेष मामलों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करते हुए DM ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
पुलिस मामलों पर SP की सीधी नजर
कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने की। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि शिकायतों में आवश्यकता के अनुसार मौके पर जाकर जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राजस्व से जुड़े विवादों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई पर भी जोर दिया गया, ताकि भूमि विवाद, पैमाइश और अन्य मामलों में एकतरफा कार्रवाई के बजाय संबंधित पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार निर्णय लिया जा सके।
धनघटा में 34 में से 10 मामले मौके पर निपटे
धनघटा तहसील में अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई। यहां 34 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 का मौके पर निस्तारण कराया गया।
भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, वरासत और खतौनी में त्रुटियों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्थलीय जांच और दोनों पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
मेंहदावल में 49 शिकायतें, 4 का निस्तारण
मेंहदावल तहसील में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने शिकायतें सुनीं। यहां कुल 49 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 4 मामलों का मौके पर निस्तारण कराया गया। वहीं 3 मामलों में स्थलीय निरीक्षण के लिए टीम भेजी गई।
शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
175 शिकायतों में 24 का तत्काल समाधान—अब बाकी मामलों की बारी
तीनों तहसीलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 175 शिकायतों में 24 का मौके पर निस्तारण हुआ, जबकि 151 प्रकरण आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजे गए। यानी समाधान दिवस में तत्काल निस्तारण का हिस्सा करीब 14 प्रतिशत रहा।
यहीं से प्रशासन के सामने असली चुनौती शुरू होती है। मौके पर निस्तारित मामलों के अलावा बड़ी संख्या में लंबित शिकायतों का समाधान अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर निर्भर है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हस्तांतरित किए गए 151 मामलों में कितने प्रकरण वास्तव में निर्धारित समयसीमा में और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ निस्तारित होते हैं।
खासकर भूमि विवाद, अतिक्रमण, पैमाइश, वरासत और खतौनी जैसी शिकायतों में केवल रिपोर्ट लगाना पर्याप्त नहीं होगा; मौके की जांच, दोनों पक्षों को सुनना और नियमानुसार कार्रवाई ही निस्तारण की गुणवत्ता तय करेगी।
प्रशासन ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि समाधान दिवस को महज शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया न बनने दिया जाए, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनाया जाए।
यह खबर संतकबीरनगर सूचना कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर संपादित की गई है।


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