‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस की पैरवी के बाद POCSO कोर्ट का फैसला, 2017 में दर्ज हुआ था मुकदमा
By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। नाबालिग से दुष्कर्म के वर्ष 2017 के एक मामले में संतकबीरनगर की विशेष पॉक्सो अदालत ने अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 7,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला 21 सितंबर 2026 को एएसजे/पॉक्सो एक्ट न्यायालय में सुनाया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी अभियोजन पैरवी और विवेचना से जुड़ी है। मामले में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
2017 में दर्ज हुआ था मुकदमा
मामला कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र से संबंधित है। पुलिस के मुताबिक, वादिनी की शिकायत पर 17 फरवरी 2017 को तरवेज उर्फ तबरेज पुत्र मोहम्मद रफीक, निवासी बूधाकला, थाना कोतवाली खलीलाबाद के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रमोद कुमार द्वारा की गई थी।
दो धाराओं में हुई सजा
न्यायालय ने मु0अ0सं0 109/2017, धारा 376 भादवि तथा धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट के मामले में अभियुक्त को दोषसिद्ध किया।
- धारा 376 भादवि: 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 3 माह का साधारण कारावास।
- धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट: 2 वर्ष 6 माह का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 1 माह का साधारण कारावास।
पुलिस के अनुसार, न्यायालय में प्रभावी पैरवी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया।
सात साल से अधिक पुराने मामले में आया फैसला
इस मामले में मुकदमा वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था, जबकि न्यायालय का फैसला सितंबर 2026 में आया। यानी प्राथमिकी दर्ज होने के सात वर्ष से अधिक समय बाद मामले में सजा हुई है। ऐसे मामलों में फैसला आने तक पीड़ित पक्ष को लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस की ओर से ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में मुकदमे के दौरान हुई प्रत्येक न्यायिक प्रक्रिया और देरी के कारणों का विस्तृत विवरण पुलिस की ओर से जारी सूचना में नहीं दिया गया है।

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