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मिशन शक्ति 5.0 के तहत महुली पुलिस की कार्रवाई, युवती से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार



Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper 

संतकबीरनगर । महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम तथा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत महुली पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को अगया-सिदाही मोड़ के पास सड़क से गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के लिए रवाना कर दिया।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के निकट पर्यवेक्षण में की गई।

2 सितंबर को दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के मुताबिक, वादिनी ने 02 सितंबर 2026 को थाना महुली में प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और घटना के संबंध में उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर थाना महुली में मु0अ0सं0 370/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले में बीएनएस की धारा 89, 69 और 351(3) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस ने मामले को महिला अपराध से जुड़ा और संवेदनशील मानते हुए साक्ष्य संकलन तथा विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू की।

अगया-सिदाही मोड़ से गिरफ्तारी

विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने वांछित आरोपी इन्द्रदेव कुमार पुत्र रामनिरंजन, निवासी छितही, थाना महुली, संतकबीरनगर को 09 सितंबर 2026 को अगया-सिदाही मोड़ के पास सड़क से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना किया गया।

महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर जोर

मिशन शक्ति 5.0 के तहत पुलिस द्वारा महिला एवं बालिकाओं से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। इस मामले में शिकायत दर्ज होने के एक सप्ताह के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई की गति को दर्शाती है।

हालांकि, ऐसे गंभीर मामलों में गिरफ्तारी के साथ-साथ साक्ष्यों का संरक्षण, पीड़िता की सुरक्षा, निष्पक्ष विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी भी महत्वपूर्ण होती है। किसी भी मामले में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

समीक्षात्मक नजरिया: गिरफ्तारी के बाद विवेचना की गुणवत्ता अहम

महिला अपराधों के मामलों में त्वरित गिरफ्तारी पीड़िता और समाज में कानून के प्रति भरोसा कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन मिशन शक्ति जैसे अभियानों की वास्तविक सफलता केवल गिरफ्तारियों की संख्या से नहीं, बल्कि अपराध की निष्पक्ष जांच, पीड़िता को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने से तय होती है।

महुली पुलिस के सामने अब अगली चुनौती मामले की विवेचना को साक्ष्य आधारित और प्रभावी ढंग से पूरा करना होगी, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

कार्रवाई करने वाली टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक परवेज अहमद और कांस्टेबल अरविन्द यादव शामिल रहे।

डिस्क्लेमर: खबर में उल्लिखित आरोप पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं। आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने तक वह कानूनी रूप से निर्दोष माना जाता है।

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