By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। पुलिस कार्यालय में सोमवार, 21 सितंबर को पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने जनसुनवाई कर विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की शिकायतें सुनीं। पुलिस के अनुसार, एसपी ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में अधिकारियों को केवल शिकायत सुनने तक सीमित न रहने, बल्कि प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जांच कर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही शिकायतकर्ताओं को की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायत सुनना पहला कदम, निस्तारण ही असली परीक्षा
पुलिस कार्यालय में फरियादियों की सीधे सुनवाई निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन जनसुनवाई की प्रभावशीलता का वास्तविक आकलन इस बात से होगा कि शिकायतों पर कितनी जल्दी, कितनी निष्पक्ष और कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।
विशेषकर ऐसे मामलों में, जिनमें थाने स्तर पर पहले से शिकायत लंबित हो या फरियादी को कार्रवाई नहीं होने की शिकायत हो, वहां वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना पालन होता है—यह अहम सवाल बना रहता है।
एसपी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता और संवेदनशीलता के आधार पर परीक्षण करने तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा है। शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश भी पारदर्शिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
निर्देशों की निगरानी भी जरूरी
अक्सर जनसुनवाई में अधिकारियों द्वारा समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन किसी व्यवस्था की सफलता केवल निर्देश जारी होने से नहीं बल्कि उनके फॉलोअप और परिणाम से तय होती है।
ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का थाना स्तर पर कितना प्रभावी ढंग से निस्तारण होता है, कितने मामलों में फरियादी वास्तव में संतुष्ट होता है और कितने मामलों में दोबारा शिकायत की स्थिति सामने आती है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान कर उन्हें न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाना तथा पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करना है। अब इस उद्देश्य की वास्तविक परीक्षा जनसुनवाई में दिए गए निर्देशों के धरातल पर दिखाई देने वाले परिणामों से होगी।
फिलहाल पुलिस की ओर से समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। निगाह इस बात पर रहेगी कि फरियादियों की शिकायतें कागजों से निकलकर वास्तविक समाधान तक कितनी जल्दी पहुंचती हैं।


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