Top News

संतकबीरनगर के वृद्धाश्रम में न्यायिक अधिकारी का निरीक्षण, बुजुर्गों से सीधे जाना सुविधाओं का हाल


By-Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh 

संत कबीर नगर। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को मिल रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/न्यायिक अधिकारी अनन्या साह ने शनिवार को सियरासांथा गांव स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों से एक-एक कर बातचीत की और उनके रहने, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण का अहम पहलू यह रहा कि अधिकारियों ने केवल आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बजाय बुजुर्गों से सीधे संवाद कर यह समझने का प्रयास किया कि उन्हें वास्तव में किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपलब्धता सहित रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी जानकारी ली गई।


जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस वृद्धाश्रम में महिला और पुरुष दोनों वरिष्ठ नागरिक रहते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके रहने, भोजन और चिकित्सा की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है। हालांकि, ऐसे संस्थानों में कागजी व्यवस्था और वास्तविक सुविधा के बीच अंतर न रहे, यह सुनिश्चित करना भी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

अधिकारों से वंचित न रहें बुजुर्ग

न्यायिक अधिकारी अनन्या साह ने वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत ऐसे माता-पिता अथवा वरिष्ठ नागरिक, जो अपनी आय या अपनी संपत्ति से होने वाली आय से अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं, अपने वयस्क बच्चों अथवा संबंधित व्यक्ति से भरण-पोषण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ आर्थिक निर्भरता और पारिवारिक उपेक्षा कई बुजुर्गों के लिए गंभीर समस्या बन जाती है। ऐसे में वृद्धाश्रम केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा का माध्यम भी होना चाहिए।

व्यवस्था को लेकर मैनेजर को दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम के मैनेजर को मौसम की स्थिति को देखते हुए बुजुर्गों के लिए हवादार कमरों की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही शुद्ध एवं स्वच्छ नाश्ता, भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराने को कहा गया।

न्यायिक अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि वृद्धजन अपने अधिकारों से वंचित नहीं होने चाहिए। ऐसे में निरीक्षण का असल महत्व इस बात से तय होगा कि दिए गए निर्देशों का जमीन पर कितना प्रभाव दिखाई देता है और बुजुर्गों की शिकायतों तथा जरूरतों का कितनी संवेदनशीलता से समाधान किया जाता है।

फिलहाल निरीक्षण के जरिए व्यवस्थाओं की पड़ताल हुई है, लेकिन आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वृद्धाश्रम में भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवास और सम्मानजनक जीवन से जुड़ी व्यवस्थाएं नियमित रूप से किस स्तर पर कायम रहती हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh