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🔧 हुनर को कारोबार में बदलने की पहल! विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों को चेक-टूल किट, मार्जिन मनी ऋण पोर्टल शुरू

  • योजनाओं के लाभ और क्रियान्वयन पर निगाह जरूरी

(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)

संतकबीरनगर,। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार ने पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक एवं तकनीकी सहायता से जोड़ने की दिशा में पहल करते हुए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ किया। लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोर्टल का उद्घाटन किया और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना समेत विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक और टूल किट वितरित किए।

इसी कार्यक्रम के क्रम में संतकबीरनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में भी विश्वकर्मा जयंती समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में खलीलाबाद विधायक अंकुरराज तिवारी, मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान, जिलाधिकारी आलोक कुमार और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी मौजूद रहे। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कारीगरों और लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और सुना।


चेक और टूल किट से आगे कितना बदलेगा कारीगरों का कारोबार?

समारोह में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक और टूल किट देकर सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

सरकार की योजनाओं का उद्देश्य कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उनके पारंपरिक कौशल को स्वरोजगार तथा उद्यमिता से जोड़ना है। लेकिन किसी योजना की वास्तविक सफलता केवल चेक या टूल किट वितरण की संख्या से नहीं मापी जा सकती। महत्वपूर्ण यह होगा कि लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता मिले, उपकरण वास्तव में उपयोगी साबित हों और प्रशिक्षण के बाद उनके कारोबार को बाजार, तकनीक और विपणन जैसी सुविधाओं का कितना सहारा मिलता है।

मार्जिन मनी ऋण पोर्टल से प्रक्रिया कितनी आसान होगी?

मार्जिन मनी ऋण पोर्टल की शुरुआत का उद्देश्य योजना से जुड़ी ऋण प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाना बताया गया है। यदि पोर्टल के माध्यम से आवेदन, पात्रता, ऋण स्वीकृति और सहायता की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध होती है, तो छोटे कारीगरों और उद्यमियों के लिए यह उपयोगी व्यवस्था साबित हो सकती है।

हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता, दस्तावेजी औपचारिकताओं और बैंकिंग प्रक्रिया जैसी व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आती हैं। इसलिए पोर्टल शुरू होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आवेदन में सहायता और लंबित मामलों की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।


योजनाओं की जानकारी से लेकर जमीनी लाभ तक की चुनौती

कार्यक्रम में विधायक अंकुरराज तिवारी ने कारीगरों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने पारंपरिक कारीगरों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और आर्थिक सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं विधायक गणेश चंद्र चौहान ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना बताया।

इन दावों और उद्देश्यों की जमीनी परीक्षा अब लाभार्थियों के अनुभव से होगी। संतकबीरनगर जैसे ग्रामीण जिले में बड़ी संख्या में पारंपरिक कारीगर अपने हुनर के बावजूद पूंजी, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण और बाजार की सीमाओं से जूझते हैं। ऐसे में योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद कारीगर तक पहुंचना और उसे आत्मनिर्भर आय के अवसर में बदलना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी।

विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने योजनाओं की उपलब्धियों और संभावनाओं को सामने रखा। अब निगाह इस पर रहेगी कि 17 सितंबर के आयोजन से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान आने वाले दिनों में कारीगरों के जीवन और कारोबार में कितना ठोस बदलाव ला पाता है।

समाचार एवं फोटो स्रोत - सूचना कार्यालय संतकबीरनगर 


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