(News Edit By-Mohammad Sayeed Pathan)
नासिक (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के नासिक जिले से रिश्तों के टूटते भरोसे और जुनूनी मानसिकता की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां लिव-इन रिलेशनशिप खत्म होने से नाराज एक युवक ने अपनी पूर्व साथी की कथित तौर पर गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने युवती के मंगेतर को संदेश भेजा— "वैशू अब नहीं रही।" कुछ ही घंटों बाद आरोपी का शव भी पास के जॉगिंग ट्रैक स्थित एक पेड़ से फंदे पर लटका मिला।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान वैष्णवी आवारे (21) और आरोपी की पहचान साहिल लवहारे (26) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से अमरावती के निवासी थे और करीब दो वर्षों तक कथित रूप से लिव-इन रिलेशनशिप में रहे थे। हाल ही में वैष्णवी ने यह रिश्ता खत्म कर दिया था और नौकरी की तलाश में नासिक के इंदिरानगर क्षेत्र में एक पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास में रहने लगी थीं।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, शुक्रवार रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि साहिल ने कथित तौर पर चाकू से वैष्णवी पर कई वार किए और उसका गला रेत दिया। युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू वह 22 मिनट की फोन कॉल बताई जा रही है, जिसके दौरान वैष्णवी अपने मंगेतर से बात कर रही थीं। बताया गया कि उन्होंने फोन पर कहा था, "साहिल यहां है, जल्दी आओ।" मंगेतर कॉल पर ही दोनों के बीच हो रही बहस सुनता रहा, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही वारदात हो चुकी थी।
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद साहिल ने पीड़िता के मंगेतर को संदेश भेजकर लिखा, "वैशू अब नहीं रही।" इसके बाद वह घटनास्थल से फरार हो गया। शनिवार तड़के उसका शव इंदिरानगर जॉगिंग ट्रैक परिसर में एक पेड़ से लटका मिला। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना जा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वैष्णवी की हाल ही में जलगांव निवासी एक युवक से सगाई हुई थी। पुलिस का मानना है कि विवाह से इनकार और रिश्ते के टूटने को लेकर उपजे विवाद ने इस वारदात को जन्म दिया। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर इस गंभीर सवाल को सामने लाती है कि प्रेम संबंधों में अस्वीकृति को स्वीकार न कर पाने की मानसिकता किस तरह हिंसक अपराधों में बदल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में भावनात्मक परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय रहते हस्तक्षेप बेहद जरूरी है, ताकि रिश्तों का अंत किसी की जिंदगी का अंत न बन जाए।

Post a Comment