(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संत कबीर नगर । उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत जिले के पारंपरिक कारीगरों और दस्तकारों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि योजना के अंतर्गत बढ़ई, नाई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, हलवाई, मोची और धोबी जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें उनके कार्य के अनुरूप आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे अपने रोजगार को अधिक दक्षता और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट msme.up.gov.in पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का चयन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 3 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई है।
योजना के लिए आवेदन करते समय पासपोर्ट आकार का फोटो, हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान, बैंक पासबुक, पारंपरिक कारीगरी से जुड़े होने का प्रमाण-पत्र (ग्राम प्रधान, नगर पंचायत/नगर पालिका अध्यक्ष अथवा वार्ड सदस्य द्वारा जारी), आयु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाण-पत्र अथवा बिजली बिल, राशन कार्ड या किरायानामा तथा जाति प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी कार्यालय जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, राजकीय औद्योगिक आस्थान, मुखलिसपुर रोड, खलीलाबाद से किसी भी कार्यदिवस में प्राप्त की जा सकती है।
यह योजना पारंपरिक कारीगरों के कौशल उन्नयन, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यवसायों को नई तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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