(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संत कबीर नगर, 20 जुलाई। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यक्रमों की सतर्क निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, कार्यक्रमों और लक्ष्य के सापेक्ष उनकी प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने बिंदुवार समीक्षा करते हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण, कुपोषण की समयबद्ध पहचान और उपचार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान सभी चिकित्सा अधीक्षकों को शत-प्रतिशत निजी एवं घरेलू प्रसव की ट्रैकिंग सुनिश्चित करने तथा संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने को कहा गया। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्र की प्रत्येक आशा और एएनएम के कार्यों का व्यक्तिगत स्तर पर मूल्यांकन करें, ताकि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
बैठक में मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अस्पतालों में बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, व्हीलचेयर, आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों तथा दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा क्षय रोग नियंत्रण, संचारी रोग अभियान, रेबीज टीकाकरण, स्नेक बाइट वैक्सीन की उपलब्धता, चिकित्सकों की तैनाती और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, सीएमएस डॉ. रमाशंकर सिंह, एसीएमओ डॉ. रामरतन, डिप्टी सीएमओ वी.के. सोनी, डॉ. मुबारक अली, डीएमएचसी संगीता, विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधि, एमओआईसी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




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