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हर राजस्व ग्राम में होंगे हरिशंकरी वृक्ष, एडीएम ने अधिकारियों को दिए व्यापक वृक्षारोपण अभियान के निर्देश



संतकबीरनगर। जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में प्रत्येक राजस्व ग्राम में हरिशंकरी वृक्षारोपण तथा आगामी वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनसहभागिता का अभियान बने, इसके लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, विद्यालयों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

हर राजस्व ग्राम में लगेगा हरिशंकरी वृक्ष

बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद के प्रत्येक राजस्व ग्राम में हरिशंकरी वृक्ष लगाए जाएंगे। साथ ही गांवों में ग्रीन चौपाल आयोजित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधों की सुरक्षा के लिए आयरन ट्री गार्ड लगाने पर भी बल दिया गया, ताकि रोपे गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



33.57 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश नारायण यादव ने बताया कि वर्षाकाल 2026 में जनपद में कुल 33.57 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें वन विभाग द्वारा 14.50 लाख तथा अन्य विभागों द्वारा 19.07 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी अभियान की तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई है। वन विभाग की 22 पौधशालाओं में 50.22 लाख पौधे तैयार किए गए हैं, जिससे लक्ष्य के अनुरूप पर्याप्त पौधों की उपलब्धता बनी रहेगी।

तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में पौधों की उपलब्धता, रोपण स्थलों के चयन, गड्ढों की खुदाई, विभागीय समन्वय तथा पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि केवल पौधारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और विकसित होने से आंकी जाएगी। इसलिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय कर अभियान को गंभीरता से संचालित करे।

जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों की भी होगी भागीदारी

प्रशासन ने इस अभियान को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ने की योजना बनाई है। वृक्षारोपण कार्यक्रम में सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्कूली छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश नारायण यादव, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अवधेश भारती सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अब चुनौती पौधों को बचाने की

हर वर्ष बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती रोपे गए पौधों की देखभाल और उनकी उत्तरजीविता सुनिश्चित करना होती है। ऐसे में प्रशासन की इस बार की रणनीति, जिसमें संरक्षण और नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है, अभियान की सफलता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि तय लक्ष्य के अनुरूप पौधों का संरक्षण सुनिश्चित हुआ, तो यह अभियान जनपद में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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