(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। अपराध नियंत्रण और विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को लेकर संतकबीरनगर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह ने थाना बखिरा में सर्किल के सभी विवेचकों एवं थाना प्रभारियों का अर्दली रूम आयोजित कर लंबित मामलों की गहन समीक्षा की।
बैठक में थाना मेंहदावल, बखिरा, बेलहरकला और धर्मसिंहवा के थाना प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित रहे। क्षेत्राधिकारी ने लंबे समय से लंबित विवेचनाओं के कारणों की विस्तार से समीक्षा करते हुए बिना ठोस कारण मामलों को लंबित रखने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विवेचनाओं का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जनशिकायतों की तत्काल जांच कर विधिक कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
अर्दली रूम के दौरान ई-समन, ई-साक्ष्य, एसआईडी क्रिएशन, आई-रेड, फॉर्म-54, साइबर अपराधों में बेहतर प्रदर्शन, रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने, वांछित अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, अनसुलझे मामलों के अनावरण, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी तथा यक्ष एप के माध्यम से अपराधियों के सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों के शीघ्र एवं संवेदनशील निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
क्षेत्राधिकारी ने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करें। साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को अनुशासित रहते हुए आमजन के साथ सौम्य एवं संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी गई।
समीक्षा
पुलिस विवेचना की गुणवत्ता ही न्याय प्रक्रिया की आधारशिला होती है। समय पर विवेचना पूरी होने से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होती है, जबकि अनावश्यक विलंब से न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। ऐसे में विवेचकों की नियमित समीक्षा, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जवाबदेही तय करने की पहल कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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