Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संत कबीर नगर । मगहर स्थित कताई मिल को टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के रूप में विकसित करने की सरकारी योजना को धरातल पर उतारने की कवायद तेज होती दिखाई दे रही है। नवागत जिलाधिकारी अनुज मलिक ने शनिवार को कताई मिल परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्तावित परियोजना की जमीन, आसपास की भूमि की स्थिति और स्थानीय किसानों से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि/रा) सत्यप्रकाश सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने उपलब्ध जमीन और प्रस्तावित विस्तार की जरूरतों को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली तथा परियोजना के लिए अतिरिक्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
38 एकड़ उपलब्ध, 18 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत
प्रशासन के अनुसार टेक्सटाइल पार्क के विकास के लिए वर्तमान में करीब 38 एकड़ भूमि उपलब्ध है। परियोजना की आवश्यकताओं को देखते हुए इसके अतिरिक्त करीब 18 एकड़ जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू की है।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी खलीलाबाद सहित संबंधित अधिकारियों को कताई मिल के आसपास उपलब्ध जमीनों की स्थिति, स्वामित्व और परियोजना की दृष्टि से उनकी उपयुक्तता की विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यहीं से परियोजना की वास्तविक चुनौती भी सामने आती है। अतिरिक्त जमीन की उपलब्धता केवल प्रशासनिक रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भूमि के स्वामित्व, किसानों की सहमति, मुआवजा और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।
किसानों से सीधे संवाद, फीडबैक लेने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों से भी बातचीत की। उन्होंने प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता को लेकर किसानों की राय और फीडबैक जाना।
प्रशासन की ओर से किसानों से संवाद की पहल को महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि किसी भी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की सहमति और उनकी चिंताओं का समाधान परियोजना की स्वीकार्यता के लिहाज से अहम होता है।
हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि अतिरिक्त 18 एकड़ भूमि किन क्षेत्रों से प्रस्तावित है, कितने भू-स्वामियों की जमीन प्रभावित हो सकती है और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया किस मॉडल के तहत आगे बढ़ेगी। इन सवालों पर आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
टेक्सटाइल पार्क से रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों की उम्मीद
मगहर कताई मिल को टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क के रूप में विकसित करने की योजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुरूप विकसित होती है तो स्थानीय स्तर पर निवेश, रोजगार, छोटे उद्योगों और वस्त्र आधारित व्यवसायों के लिए अवसर पैदा हो सकते हैं।
लेकिन किसी परियोजना की घोषणा और उसके वास्तविक रूप से जमीन पर उतरने के बीच कई चरण होते हैं। भूमि की उपलब्धता, आधारभूत ढांचा, निवेशकों की भागीदारी, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर निरंतर प्रगति ही परियोजना की वास्तविक सफलता तय करेगी।
प्रशासन के सामने अब क्रियान्वयन की चुनौती
जिलाधिकारी के निरीक्षण से यह संकेत जरूर मिला है कि प्रशासन परियोजना से जुड़ी भूमि संबंधी आवश्यकताओं को लेकर सक्रिय है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि 18 एकड़ अतिरिक्त भूमि की उपलब्धता को लेकर सर्वे और आख्या कितनी जल्दी तैयार होती है और उसके बाद परियोजना किस गति से आगे बढ़ती है।
स्थानीय किसानों से संवाद के बाद उनके फीडबैक को योजना में किस तरह शामिल किया जाता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। साथ ही यह देखना होगा कि प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के लिए समयबद्ध कार्ययोजना, निवेश और रोजगार सृजन से संबंधित ठोस प्रगति कब सामने आती है।
फिलहाल जिलाधिकारी का स्थलीय निरीक्षण परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है, लेकिन मगहर कताई मिल का टेक्सटाइल पार्क में वास्तविक रूपांतरण जमीन पर कब दिखाई देगा—यह आने वाले चरणों की प्रगति पर निर्भर करेगा।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदयराम तिवारी, उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा, वस्त्र निरीक्षक, उद्यमी मित्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
स्रोत: सूचना कार्यालय, संत कबीर नगर
यह संस्करण प्रेस विज्ञप्ति की पुनरावृत्ति के बजाय भूमि, किसान संवाद, रोजगार और परियोजना के क्रियान्वयन को खबर के मुख्य सवालों से जोड़ता है।


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