बेटी की मौत के बाद परिजनों ने लगाया दहेज के लिए प्रताड़ित करने और गला दबाकर हत्या का आरोप, तीनों न्यायालय भेजे गए
संतकबीरनगर। धनघटा थाना क्षेत्र में दहेज मृत्यु के एक मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो पुरुषों समेत एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतका के परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। तीनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, मु0अ0सं0 568/2026 में बीएनएस की धारा 80(2), 85, 238(बी), 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पवन पुत्र रामाश्रय, रामाश्रय राजभर पुत्र स्वर्गीय भदई और राजपति पत्नी रामाश्रय, निवासीगण ग्राम परसहर पूर्वी, थाना धनघटा को आरोपी बनाया गया है।
दहेज मांग को लेकर प्रताड़ना का आरोप
पुलिस के मुताबिक, मृतका की मां ने 9 अगस्त को धनघटा थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री को ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत में लगातार मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त को दहेज की मांग को लेकर उनकी पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
शिकायत के अगले दिन तीन गिरफ्तार
पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने 10 अगस्त को तीनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के लिए रवाना किया गया।
गिरफ्तारी के साथ निष्पक्ष जांच भी जरूरी
दहेज मृत्यु जैसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई पीड़ित परिवार को न्याय की प्रक्रिया पर भरोसा दिलाने के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद विवेचना की गुणवत्ता और साक्ष्यों का निष्पक्ष संकलन भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। मृतका की मौत की परिस्थितियां, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपों की पुष्टि करने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दहेज उत्पीड़न और दहेज मृत्यु की घटनाएं केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में कानून के प्रभावी इस्तेमाल के साथ सामाजिक जागरूकता और दहेज प्रथा के खिलाफ सामूहिक प्रयास भी जरूरी हैं।
पुलिस टीम
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव, उपनिरीक्षक सुरेंद्र यादव, कांस्टेबल वैभव सिंह, कांस्टेबल अनिल कुमार यादव, कांस्टेबल मोहित मिश्रा, महिला कांस्टेबल अमिता पाल और होमगार्ड मोहन यादव शामिल रहे।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक दिलीप सिंह के नेतृत्व में की गई।

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