- शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का सम्मान, जनप्रतिनिधियों ने कर्तव्यनिष्ठा को बताया सच्ची देशभक्ति
(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संत कबीर नगर,। जनपद संतकबीरनगर में 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। जिले के सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर सुबह 8 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। मुख्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुआ, जहां उत्तर प्रदेश शासन की राज्य मंत्री एवं जनपद की प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ध्वजारोहण के बाद उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और नागरिकों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई गई। राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को देशभक्ति के भाव से भर दिया। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रकाश तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कर्तव्यनिष्ठा को बताया स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन वीर क्रांतिकारियों और अमर सपूतों को स्मरण करने का दिन है, जिनके त्याग, संघर्ष और बलिदान से देश को स्वतंत्रता मिली।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिकों को जाति, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर ईमानदारी, मेहनत और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उनके मुताबिक यही स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों के सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में वास्तविक योगदान होगा।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की अपेक्षा की। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
विधायकों ने विकास और जिम्मेदारी पर दिया जोर
खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन वीर युवाओं और वीरांगनाओं के बलिदान को याद करने का अवसर भी है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा कि जिस देश में जन्म लिया है, उसे विश्वगुरु बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को बिना भेदभाव अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना भी स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को आजादी अनगिनत बलिदानों के बाद मिली है। इसलिए जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करना जरूरी है। उन्होंने महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस के विचारों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
डीएम बोले—आदर्शों को व्यवहार में उतारना ही सच्ची देशसेवा
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि जिन आदर्शों की चर्चा हम सार्वजनिक जीवन में करते हैं, उन्हें सबसे पहले अपने व्यवहार में उतारना जरूरी है। एक लोकसेवक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में ईमानदारी, लगन, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करना ही देश के प्रति सच्ची भक्ति है।
उन्होंने कहा कि 1947 में मिली स्वतंत्रता को मजबूत बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जाति, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता के साथ काम करने से ही स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थों को मजबूत किया जा सकता है।
डीएम ने अधिकारियों से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करने की अपेक्षा की।
शहीदों के परिजनों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री, दोनों विधायकों और जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा अमर शहीदों के परिजनों को अंगवस्त्र और मिष्ठान भेंट कर सम्मानित किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाषण और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिसके लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।
परेड और झांकियों ने बढ़ाया समारोह का आकर्षण
स्वतंत्रता दिवस पर एनसीसी, स्काउट-गाइड और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बैण्ड की धुन के साथ परेड और मार्च पास्ट किया। विभिन्न विभागों की झांकियां भी निकाली गईं। पुरानी तहसील खलीलाबाद गेट पर प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी ने परेड व झांकियों की सलामी ली और प्रस्तुतियों की सराहना की।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, स्काउट-गाइड, पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
समीक्षात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण संदेश
स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिए गए भाषणों का केंद्रीय संदेश स्पष्ट रहा—आजादी केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी बोध कराती है। शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करना भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन उनके बलिदान की वास्तविक सार्थकता तभी होगी जब प्रशासनिक व्यवस्था पारदर्शी हो, योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे और नागरिक अपने दायित्वों के प्रति ईमानदार रहें।
इस लिहाज से समारोह में कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता, सामाजिक समरसता और जनसेवा पर दिया गया जोर स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को औपचारिकता से आगे ले जाने वाला संदेश माना जा सकता है। अब चुनौती इन संकल्पों को वर्षभर के प्रशासनिक और सामाजिक व्यवहार में उतारने की है।








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