(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
क्षेत्राधिकारी ने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव के साथ लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों और विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण केवल संख्या पूरी करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि गुणवत्ता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ किया जाए।
जनशिकायतों को लेकर भी क्षेत्राधिकारी ने पुलिसकर्मियों को संवेदनशील रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत हो। अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वांछित और वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की लगातार चेकिंग के निर्देश दिए गए।
आगामी पर्वों, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख बाजारों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी रखने और किसी भी भ्रामक अथवा आपत्तिजनक गतिविधि की स्थिति में तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता की व्यवस्था संतोषजनक पाए जाने पर क्षेत्राधिकारी ने पुलिसकर्मियों की सराहना की। उन्होंने थाना परिसर को इसी तरह स्वच्छ, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखने के निर्देश दिए।
समीक्षात्मक दृष्टि से देखें तो आकस्मिक निरीक्षण का महत्व केवल व्यवस्थाओं की भौतिक जांच तक सीमित नहीं है। पुलिसिंग की वास्तविक प्रभावशीलता लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, फरियादियों की संतुष्टि, अपराध नियंत्रण और क्षेत्र में पुलिस की निरंतर मौजूदगी से तय होती है। ऐसे में दिए गए निर्देशों के प्रभावी अनुपालन और उसकी नियमित समीक्षा से ही निरीक्षण का वास्तविक उद्देश्य हासिल किया जा सकेगा।
क्षेत्राधिकारी ने पुलिसकर्मियों को टीम भावना, अनुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को प्राथमिकता देते हुए बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी महुली सहित थाना पुलिस बल मौजूद रहा।


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