संतकबीरनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को आदर्श प्राथमिक विद्यालय डीघा में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाध्यापिका रेनू अग्रहरि के नेतृत्व में विद्यालय के बच्चों ने भव्य तिरंगा यात्रा निकालकर क्षेत्रवासियों में देशभक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे माहौल को राष्ट्रीय भावना से सराबोर कर दिया।
तिरंगा यात्रा को डॉ. सोनी सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले उन्होंने सभी बच्चों को तिरंगा वितरित किया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले बच्चे वार्ड डीघा के विभिन्न मोहल्लों से होकर आगे बढ़े। यात्रा के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल बना रहा। यात्रा सोनी होटल होते हुए पुनः आदर्श प्राथमिक विद्यालय डीघा पहुंची।
विद्यालय पहुंचने के बाद बच्चों एवं शिक्षकों ने भारत माता की आरती का सामूहिक गायन किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर स्वतंत्रता दिवस की भावना को जीवंत कर दिया। ‘हमरे देशवा की माटी बड़ा नीक लागे’, ‘हमरे देशवा की माटी’ और ‘देश रंगीला-रंगीला’ जैसे कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
बच्चों की प्रतिभा और राष्ट्रप्रेम बना आकर्षण
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों ने केवल तिरंगा यात्रा में भागीदारी नहीं की, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विविधता, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का संदेश भी दिया। इससे कार्यक्रम एक औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहकर बच्चों में राष्ट्रीय चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनता दिखाई दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सोनी सिंह ने सभी बच्चों को मिष्ठान और उपहार वितरित किए। इससे बच्चों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। आयोजन में वार्ड डीघा के सभासद बैजनाथ चौरसिया सहित विद्यालय के शिक्षक इंद्रनीत कौर सेठी, डॉ. स्नेहलता राय, संजय कुमार, मीनू यादव, सुनीता, आंगनबाड़ी कार्यकत्री शकुंतला मौर्य, पूनम मौर्या, शकुंतला विश्वकर्मा तथा अभिभावक इलायची, तीरा देवी, कविता, अंजना विश्वकर्मा, जानकी, किरन राजभर समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
समग्र रूप से देखा जाए तो डीघा में आयोजित तिरंगा यात्रा ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जनभागीदारी से जोड़ने का काम किया। विद्यालय के बच्चों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों-अभिभावकों के सहयोग ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम केवल समारोहों तक सीमित न रहकर बच्चों के संस्कार और शिक्षा का हिस्सा बने, तो स्वतंत्रता दिवस का उद्देश्य और अधिक सार्थक हो सकता है।


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