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संतकबीरनगर: शादी का झांसा देकर दु#ष्क#र्म के आरोप में युवक गिरफ्तार, शिकायत के अगले दिन पुलिस ने की कार्रवाई


  • खलीलाबाद कोतवाली में 8 अगस्त को दर्ज हुआ था मुकदमा, साक्ष्य संकलन के बाद आरोपी न्यायालय भेजा गया

(Report Mohammad Sayeed Accredited Journalist)

संतकबीरनगर। मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत महिला अपराधों के मामलों में रविवार को त्वरित कार्रवाई के क्रम में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में वांछित युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ 8 अगस्त को पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था और अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, कोतवाली खलीलाबाद में दर्ज मु0अ0सं0 734/2026 में बीएनएस की धारा 69 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में मोहम्मद आजम पुत्र रियाजुद्दीन, निवासी मोहिद्दीनपुर, मदीना जामा मस्जिद के पास, थाना कोतवाली खलीलाबाद को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने उसे 9 अगस्त को सोनी होटल के पास से गिरफ्तार किया।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने 8 अगस्त को कोतवाली खलीलाबाद में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के संकलन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना किया गया।

त्वरित गिरफ्तारी राहत, लेकिन जांच की निष्पक्षता अहम

शिकायत के अगले दिन आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है। महिला अपराधों के मामलों में समय पर कार्रवाई पीड़िता को सुरक्षा का भरोसा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, गिरफ्तारी अपने आप में आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होती। मामले में आरोपों की वास्तविकता, उपलब्ध साक्ष्यों की विश्वसनीयता और दोनों पक्षों के तथ्यों का परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होना है।

ऐसे मामलों में पुलिस के सामने दोहरी जिम्मेदारी होती है—एक ओर पीड़िता की सुरक्षा और शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना, वहीं दूसरी ओर विवेचना को निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित रखना। इस मामले में आगे की जांच और न्यायालय की कार्यवाही से ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस टीम

कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह और कांस्टेबल विनय कुमार यादव शामिल रहे।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई को मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

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