Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
धनघटा, संतकबीरनगर। थाना धनघटा क्षेत्र से 6 सितंबर को बिना बताए घर से निकले वृद्ध रामसागर को पुलिस ने 19 दिन बाद सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वृद्ध के वापस मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है। पुलिस के अनुसार, गुमशुदगी दर्ज होने के बाद उनकी तलाश के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही थी।
जानकारी के मुताबिक, उमरिया पाण्डेय निवासी रामसागर 6 सितंबर को घर से बिना किसी को बताए कहीं चले गए थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो थाना धनघटा में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मामले में गुमशुदगी संख्या 49/2026 पंजीकृत कर वृद्ध की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, टीम द्वारा किए गए प्रयासों के बाद 25 सितंबर को रामसागर को सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
19 दिन तक कहां रहे वृद्ध, जांच का यह पहलू भी अहम
वृद्ध की सकुशल बरामदगी निश्चित रूप से राहत की बात है, लेकिन इस मामले में यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि रामसागर 6 सितंबर से 25 सितंबर तक कहां रहे और किन परिस्थितियों में घर से दूर रहे? उपलब्ध पुलिस जानकारी में उनके लापता होने के कारणों अथवा इस अवधि के दौरान उनके ठहरने के स्थान के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसे मामलों में केवल गुमशुदा व्यक्ति की बरामदगी ही नहीं, बल्कि यह जानना भी जरूरी होता है कि वह किन परिस्थितियों में घर से दूर हुआ। यदि वृद्ध स्वयं किसी कारण से घर छोड़कर गए थे तो कारण क्या था, और यदि किसी अन्य परिस्थिति के चलते वह परिजनों से दूर हुए तो उसकी वास्तविकता क्या है—इन पहलुओं से परिवार और पुलिस दोनों को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस ने वृद्ध को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बरामदगी टीम में उपनिरीक्षक अनिल राय शामिल रहे। पुलिस की कार्रवाई से परिवार को राहत मिली है, जबकि गुमशुदगी की परिस्थितियों से जुड़े सवालों का उत्तर उपलब्ध तथ्यों और आगे की जानकारी से ही स्पष्ट होगा।

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