(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के तहत थाना दुधारा पुलिस ने बहला-फुसलाकर युवती को भगाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा के प्रति गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले अपराध की रोकथाम को लेकर भी कई सवाल खड़े करते हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना दुधारा पुलिस ने फुजैल अहमद पुत्र अब्दुल हकीम, निवासी परसोहिया, थाना दुधारा को इस्लामाबाद मोड़ तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध थाना दुधारा में दर्ज मुकदमा संख्या 281/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87, 69, 352 एवं 351(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले में दुष्कर्म सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं बढ़ाई गईं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
यह कार्रवाई महिला अपराधों के मामलों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया को दर्शाती है, लेकिन यह भी चिंताजनक है कि मिशन शक्ति जैसे व्यापक अभियान के बावजूद महिलाओं और किशोरियों के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने तथा यौन अपराधों की घटनाएं पूरी तरह थमती नहीं दिख रहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता, विद्यालय स्तर पर सुरक्षा शिक्षा, परिवारों की सतर्कता और संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से ऐसे अपराधों की रोकथाम पर अधिक प्रभावी प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल राघवेन्द्र सिंह, कांस्टेबल राधेश्याम गिरी तथा आरक्षी रत्नेश अग्रहरि शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि महिला अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई आगे भी प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेगी।

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