(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण में मंगलवार को संतकबीरनगर पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में महिला पुलिसकर्मियों और मिशन शक्ति टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाकर महिलाओं, बालिकाओं और छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्हें सुरक्षा उपायों, कानूनी अधिकारों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।
अभियान के तहत महिला थाना पुलिस ने ग्राम उनखास और थाना बेलहरकला की टीम ने ग्राम करमहिया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस टीमों ने महिलाओं और स्कूली छात्राओं को पंपलेट वितरित कर मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों और महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में बताया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं को महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, चिकित्सा सहायता 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई। साइबर अपराध की शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल के इस्तेमाल की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को आत्मरक्षा के उपायों के साथ-साथ किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, हिंसा या अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। उन्हें कहा गया कि वे किसी घटना को लेकर भयभीत न हों और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
चौपाल के जरिए गांवों तक पहुंचने की कोशिश
महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल शैली में संवाद करते हुए महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनके विधिपूर्ण और त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित पुलिस व्यवस्था की जानकारी दी गई।
समीक्षात्मक रूप से देखें तो मिशन शक्ति अभियान का ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना महत्वपूर्ण है। महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन और कानूनी अधिकारों की जानकारी तभी प्रभावी होगी, जब जरूरत के समय महिलाएं इन सेवाओं का इस्तेमाल करने में संकोच न करें। चौपाल जैसे सीधे संवाद के माध्यम से पुलिस उन महिलाओं तक पहुंच सकती है, जिनकी डिजिटल संसाधनों या संस्थागत तंत्र तक पहुंच सीमित है।
हालांकि अभियान की स्थायी सफलता केवल जागरूकता कार्यक्रमों की संख्या से नहीं, बल्कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई की गुणवत्ता से तय होगी। जागरूकता के साथ शिकायतों पर त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील कार्रवाई तथा नियमित फॉलोअप को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है। इससे मिशन शक्ति का उद्देश्य महिला सुरक्षा के साथ वास्तविक स्वावलंबन और जनविश्वास में भी तब्दील हो सकेगा।


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