Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper
संतकबीरनगर,। आमजन की शिकायतों को सीधे सुनने और उनके समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई की। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें एसपी के समक्ष रखीं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर शिकायत को गंभीरता से सुनने पर जोर
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मामलों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसपी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि मामले की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जाए।
समयसीमा के भीतर हो कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयावधि में किया जाना चाहिए। शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से थाने या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए संबंधित अधिकारी अपने स्तर से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को अनिवार्य रूप से दी जाए। इससे जनसुनवाई की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और फरियादी को यह पता रहेगा कि उसकी शिकायत पर पुलिस ने क्या कदम उठाया है।
जनसुनवाई सिर्फ सुनवाई नहीं, भरोसा कायम करने की प्रक्रिया
समीक्षात्मक दृष्टि से देखें तो पुलिस जनसुनवाई का महत्व केवल शिकायतें दर्ज करने तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य आम नागरिक और पुलिस के बीच संवाद को मजबूत करना है। जब किसी पीड़ित की बात सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक पहुंचती है और उस पर समयबद्ध कार्रवाई होती है, तो इससे पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ने की संभावना रहती है।
हालांकि, जनसुनवाई की प्रभावशीलता का वास्तविक आकलन शिकायतों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से किया जा सकता है। इसलिए एसपी द्वारा शिकायतकर्ता को कार्रवाई से अवगत कराने और निर्धारित समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करने पर दिया गया जोर महत्वपूर्ण है।
निष्पक्षता और संवेदनशीलता को बनाया जाए आधार
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों की जांच के दौरान दोनों पक्षों की बात और उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जिनमें पारिवारिक विवाद, भूमि विवाद, उत्पीड़न अथवा अन्य संवेदनशील शिकायतें शामिल हों, पुलिस को कानून के साथ मानवीय संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना होगा।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान कर उन्हें न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिलाना है। पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने से जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
बेहतर पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रयास का दावा
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनपद पुलिस आमजन की समस्याओं के समाधान, उनकी सुरक्षा और बेहतर पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के साथ लेते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुल मिलाकर, मंगलवार की जनसुनवाई में एसपी का फोकस शिकायत सुनने के साथ-साथ उसके अंतिम और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर रहा। अब इन निर्देशों का वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि संबंधित थाना और अधिकारी फरियादियों की शिकायतों पर कितनी तेजी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हैं।

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