Report - Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper
संतकबीरनगर। मोबाइल की दुकान से सामान लेने के बाद कथित तौर पर फर्जी भुगतान कर दुकानदार को चूना लगाने वाले दो आरोपियों को कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 17 मोबाइल फोल्डर और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय के लिए रवाना कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।
फर्जी भुगतान के जरिए दुकानदार को लगाया चूना
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को वादी त्रियुगी नारायण पुत्र वृजवली, निवासी ऊनखास, थाना कोतवाली खलीलाबाद ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मोबाइल की दुकान से सामान लिया और उसके बदले फर्जी पेमेंट किए।
शिकायत के आधार पर कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा अपराध संख्या 814/2025 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 352 एवं 351(3) में अभियोग दर्ज किया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
सुगरमिल रोड पर पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 सितंबर 2026 को सुगरमिल रोड स्थित ओपेन जिम के पास से दोनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मवीर पुत्र सुभाष, निवासी काली जगदीशपुर लोहरइया तथा संदीप चौहान पुत्र सोमनाथ चौहान, निवासी टुंगपार, थाना महुली, संतकबीरनगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने उनके कब्जे से 17 मोबाइल फोल्डर तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल संख्या UP58AN 6263 बरामद की। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है।
डिजिटल भुगतान की सुविधा का दुरुपयोग चिंता का विषय
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि डिजिटल भुगतान की सुविधा ने जहां कारोबार को आसान बनाया है, वहीं फर्जी भुगतान के स्क्रीनशॉट, नकली भुगतान संदेश अथवा भुगतान का झूठा दावा कर सामान हासिल करने जैसी घटनाएं दुकानदारों के लिए चुनौती बन रही हैं।
ऐसे मामलों में दुकानदारों के लिए यह जरूरी है कि वे ग्राहक के मोबाइल पर दिखाए गए पेमेंट स्क्रीनशॉट या मैसेज पर निर्भर रहने के बजाय अपने बैंक खाते अथवा अधिकृत भुगतान ऐप में वास्तविक क्रेडिट की पुष्टि करने के बाद ही महंगा सामान सौंपें।
खलीलाबाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले में कथित रूप से शामिल दोनों आरोपियों तक पहुंचने और सामान की बरामदगी में सफलता मिली है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि और दोषसिद्धि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
बरामदगी
- 17 अदद मोबाइल फोल्डर
- 01 मोटरसाइकिल संख्या UP58AN 6263
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
उपनिरीक्षक लालबिहारी निषाद, हेड कांस्टेबल सम्पूर्णानन्द, कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार सोनी एवं कांस्टेबल आदर्श कुमार शामिल रहे।

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