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शिक्षक दिवस पर राकेश चतुर्वेदी ने डॉ. राधाकृष्णन को दी श्रद्धांजलि

  • क्षेत्रवासियों को दी शुभकामनाएं, बोले—राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अतुलनीय

Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper 

मिशन संदेश/संतकबीरनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर 310 विधानसभा बस्ती सदर क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी राकेश चतुर्वेदी ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद और ‘भारत रत्न’ से सम्मानित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बताया।

राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व, संस्कार, सोच और भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। एक योग्य शिक्षक विद्यार्थी के भीतर ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना विकसित करता है। यही कारण है कि किसी भी सभ्य और विकसित समाज की मजबूत नींव में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन भारतीय शिक्षा, दर्शन और विद्वता की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के बौद्धिक और नैतिक विकास का साधन माना। उनका सादगीपूर्ण जीवन, उच्च विचार और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

शिक्षा की गुणवत्ता पर हो गंभीर चिंतन

राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को सम्मान देने का अवसर नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की दिशा और दशा पर विचार करने का भी दिन है। बदलते दौर में तकनीक और आधुनिक संसाधनों ने शिक्षा के स्वरूप को व्यापक रूप से बदला है, लेकिन शिक्षक का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि तकनीक ज्ञान तक पहुंच आसान बना सकती है, लेकिन सही और गलत के बीच अंतर समझाने, संस्कार देने और जीवन के संघर्षों के लिए तैयार करने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है।

गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने की अपील

वरिष्ठ नेता ने लोगों से अपील की कि भारतीय समाज की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के अनुभव और मार्गदर्शन का सम्मान करते हुए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान केवल शिक्षक दिवस पर पुष्प अर्पित करने या शुभकामनाएं देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में शिक्षकों को उचित सम्मान और गरिमा दिलाने का प्रयास वर्षभर जारी रहना चाहिए।

राकेश चतुर्वेदी ने विश्वास जताया कि शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत बनाकर ही एक जागरूक, संस्कारित और सक्षम समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक आज के विद्यार्थियों को केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि आने वाले भारत की तस्वीर भी गढ़ते हैं।

इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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