संतकबीरनगर। मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के क्रम में धर्मसिंहवा थाना पुलिस ने नाबालिग को कथित रूप से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में वांछित एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए रवाना कर दिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल भारती पुत्र सोलहू, निवासी गोपालपुर, थाना कैम्पियरगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। उसे 10 सितंबर 2026 को दुबौली प्राथमिक विद्यालय के पास से गिरफ्तार किया गया।
एक दिन पहले दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के मुताबिक इस मामले में पीड़िता की मां ने 9 सितंबर 2026 को धर्मसिंहवा थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 105/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2), 87, 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 में अभियोग पंजीकृत किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस का दावा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में तेजी लाई गई और अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी से आगे भी महत्वपूर्ण है जांच
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में गिरफ्तारी निश्चित रूप से महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन कानून की कसौटी पर पूरा मामला केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहता। ऐसे मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी आरोपी को पकड़ने के साथ-साथ पीड़िता की सुरक्षा, उसके बयान, चिकित्सकीय एवं अन्य आवश्यक साक्ष्यों के संरक्षण, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल सुनिश्चित करने की भी होती है।
चूंकि मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया है, इसलिए जांच एजेंसियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह होगी कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों को न्यायालय के समक्ष स्पष्ट रूप से रखा जाए। आरोपी पर लगाए गए आरोप अभी आरोप मात्र हैं और न्यायालय में इनका परीक्षण होना बाकी है।
मिशन शक्ति की असली परीक्षा कार्रवाई के बाद
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जा सकता। महिला और बाल सुरक्षा के लिहाज से इसकी वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि पीड़िता को आगे किसी प्रकार का दबाव, भय या सामाजिक परेशानी न झेलनी पड़े और उसे कानूनी प्रक्रिया के दौरान आवश्यक संरक्षण एवं सहायता मिलती रहे।
ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई भरोसा पैदा करती है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि जांच समयबद्ध, निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित हो। गिरफ्तारी के बाद विवेचना की गुणवत्ता और न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों की प्रस्तुति ही यह तय करेगी कि पीड़िता को वास्तविक न्याय मिल पाता है या मामला केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित रह जाता है।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्व दवन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में की गई। धर्मसिंहवा थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी की।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक संदीप कुमार राय और कांस्टेबल अयोध्या प्रसाद शामिल रहे।
नोट: यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और दर्ज मुकदमे के आधार पर है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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