Top News

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा, 12 सितंबर को अधिकाधिक मामलों के निस्तारण पर जोर



Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper 

संत कबीर नगर । आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी और सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में न्यायालय सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागों की तैयारियों और लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति पर चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश-पॉक्सो एवं लोक अदालत के नोडल अधिकारी कृष्ण कुमार-V ने की, जबकि संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री अनन्या साह ने किया। बैठक में नोडल अधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों से अपने-अपने विभाग एवं कार्यालय से संबंधित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में निस्तारित कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने का आह्वान किया।

नोटिसों के तामीला पर पुलिस की निगरानी

पुलिस विभाग की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय से प्राप्त नोटिसों का तामीला कराया जा रहा है। सभी थानों के पैरोकारों को अधिक से अधिक नोटिसों की तामीला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संबंधित पक्षकारों की लोक अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित हो सके और मामलों के निस्तारण में अनावश्यक बाधा न आए।

कलेक्ट्रेट की ओर से प्रभारी अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा अधिक से अधिक वादों एवं मामलों के निस्तारण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

सिर्फ संख्या नहीं, प्रभावी निस्तारण भी चुनौती

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण कर न्यायालयों पर मुकदमों के बोझ को कम करना है। ऐसे में प्रशासनिक एवं पुलिस विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। नोटिसों की समय से तामीला और संबंधित पक्षकारों की भागीदारी लोक अदालत की सफलता की बुनियादी कड़ी है।

हालांकि, लोक अदालत की सफलता का आकलन केवल निस्तारित मामलों की संख्या से नहीं किया जाना चाहिए। कितने मामले वास्तविक सहमति से समाप्त हुए, पक्षकारों को कितनी राहत मिली और निस्तारण के बाद विवाद दोबारा उत्पन्न न हों, यह भी इसकी प्रभावशीलता का महत्वपूर्ण पैमाना है। विभागीय स्तर पर लंबित मामलों की समय से पहचान और पक्षकारों को प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।

विभागीय समन्वय पर विशेष जोर

बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने सभी अधिकारियों से 12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आवश्यक सहयोग की अपेक्षा की। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों की पहचान कर उनके निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के ऐसे मामलों का निस्तारण संभव होता है, जिनमें पक्षकार आपसी सहमति अथवा समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त करने के इच्छुक हों। इसलिए विभागीय स्तर पर तैयारी जितनी व्यवस्थित होगी, उतना ही अधिक लाभ आम नागरिकों और संबंधित पक्षकारों को मिल सकता है।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह, जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार, तहसीलदार धनघटा प्रतिमा मौर्या, नायब तहसीलदार मेहदावल विद्याभूषण, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग विमल कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षात्मक नजरिया

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रशासन और पुलिस स्तर पर तैयारियां पूरी होने का दावा किया गया है। अब वास्तविक परीक्षा 12 सितंबर को होने वाले निस्तारण की गुणवत्ता और पक्षकारों को मिलने वाली राहत की होगी। यदि नोटिस तामीला, विभागीय समन्वय और पक्षकारों की सहभागिता प्रभावी रही, तो लोक अदालत लंबित विवादों के समाधान और न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh