Report - Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper
संतकबीरनगर। रेलवे में फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की यह कार्रवाई उन मामलों में अहम मानी जा रही है, जिनमें नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं को आर्थिक और मानसिक रूप से ठगी का शिकार बनाया जाता है।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 4 सितंबर 2026 को हड़िया पुल, बस्ती से आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोनू कुमार उर्फ संगम पुत्र संतोष कुमार, निवासी ग्राम दारानगर, थाना लहरपुर, जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध कोतवाली खलीलाबाद में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 229/2025 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467 और 506 के तहत कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय के लिए रवाना कर दिया।
रेलवे में नौकरी का झांसा देकर फर्जीवाड़े का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 18 मार्च 2025 को वादी जयशंकर पुत्र नागेन्द्र सिंह, निवासी गोरखल, थाना कोतवाली खलीलाबाद की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त ने धोखाधड़ी एवं कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रेलवे में फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने का भरोसा देकर फर्जीवाड़ा किया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था। लगातार फरार रहने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक स्तर से 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आखिरकार पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर बस्ती स्थित हड़िया पुल के पास दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों पर शिकंजा जरूरी
रेलवे सहित सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र, जाली दस्तावेज और कथित अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर ठगी के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं होता, बल्कि बेरोजगार युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
खलीलाबाद पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे कथित फर्जीवाड़े में लंबे समय से वांछित आरोपी तक पहुंचने में सफलता के रूप में देखी जा रही है। हालांकि, आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि और दोषसिद्धि न्यायालय में चलने वाली विधिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
अभियुक्त की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक धर्मनाथ, महिला हेड कांस्टेबल संयोगिता सिंह और कांस्टेबल मोहित वर्मा शामिल रहे। वहीं एसओजी टीम से कांस्टेबल दीपक सिंह और कांस्टेबल सर्वेश मिश्रा ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।

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