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बच्चों की नजर में कैसा होगा भारत? 443 स्कूलों में रंगों के जरिए सामने आए सपने


(News Edite by Mohammad Sayeed Pathan)

संतकबीरनगर,। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की रचनात्मकता को मंच देने के उद्देश्य से ‘मेरे सपनों का भारत (चित्र सेवा)’ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस आयोजन के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में जनपद के 443 परिषदीय, कम्पोजिट एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता में बच्चों ने कागज पर रंगों और कल्पना के जरिए अपने सपनों के भारत की तस्वीर उकेरी। किसी चित्र में शिक्षा और विकास की झलक दिखी तो किसी में स्वच्छता, पर्यावरण, सामाजिक सौहार्द और बेहतर भविष्य जैसे विषयों को स्थान मिला। बच्चों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक विषयों पर आकर्षक चित्र और ड्राइंग बनाकर अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत की।

सिर्फ चित्रकला नहीं, बच्चों की सोच को समझने का भी अवसर

ऐसे आयोजनों का महत्व केवल प्रतियोगिता या पुरस्कार तक सीमित नहीं है। कम उम्र के बच्चों को यह अवसर देना कि वे ‘मेरे सपनों का भारत’ को अपनी कल्पना और अनुभव के आधार पर चित्रित करें, उनकी सोच, प्राथमिकताओं और सामाजिक समझ को सामने लाने का माध्यम भी बन सकता है।

हालांकि, ऐसे अभियानों की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों को आयोजन समाप्त होने के बाद भी कितना प्रोत्साहन मिलता है। विद्यालयों में कला, अभिव्यक्ति और रचनात्मक शिक्षा के लिए नियमित अवसर उपलब्ध कराए जाने से इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य अधिक सार्थक हो सकता है।

‘मेरे सपनों का भारत’ के माध्यम से बच्चों ने जिस भारत की कल्पना रंगों में उतारी है, वह केवल एक प्रतियोगिता का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की उम्मीदों और सपनों को समझने की एक खिड़की भी है।

न्यूज सोर्स जिला सूचना कार्यालय संतकबीरनगर 

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