Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper
संतकबीरनगर । महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत धर्मसिंहवा पुलिस ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को इटौवा से गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना कर दिया।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्व दवन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान के क्रम में की गई।
धर्मसिंहवा थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने बुधवार, 09 सितंबर को कार्रवाई करते हुए अमित पुत्र राजेंद्र निषाद, निवासी इटौवा, थाना धर्मसिंहवा, संतकबीरनगर को गिरफ्तार किया।
7 सितंबर को दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, मामले में वादिनी ने 07 सितंबर 2026 को थाना धर्मसिंहवा में प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ नाबालिग को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले में मु0अ0सं0 104/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट तथा एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य संकलन और प्रारंभिक जांच के आधार पर महिला एवं बाल अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई की गई।
पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी शामिल
पुलिस के अनुसार मुकदमे में बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3), 65(1) के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 तथा एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराएं 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(va) और 3(2)(v) लगाई गई हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय के लिए रवाना किया। मामले में आगे की कार्रवाई विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
दो दिन में गिरफ्तारी, लेकिन विवेचना की निष्पक्षता भी अहम
इस मामले में शिकायत दर्ज होने के दो दिन के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है। विशेष रूप से नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों में शीघ्र कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि ऐसे मामलों में पीड़ित की सुरक्षा, साक्ष्यों का संरक्षण और निष्पक्ष विवेचना प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
हालांकि, किसी आरोपी की गिरफ्तारी को न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि के समान नहीं माना जा सकता। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। पुलिस के सामने अब चुनौती यह होगी कि विवेचना को समयबद्ध, निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित रखते हुए मामले को मजबूत कानूनी आधार के साथ न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विनय कुमार राय और कांस्टेबल सचिन मिश्रा शामिल रहे।
समीक्षात्मक रूप से देखें तो मिशन शक्ति जैसे अभियानों की वास्तविक सफलता केवल गिरफ्तारी की संख्या से नहीं, बल्कि महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम, पीड़ित की सुरक्षा, प्रभावी विवेचना और न्यायालय में दोषसिद्धि तक मामले को मजबूती से पहुंचाने से तय होगी। धर्मसिंहवा पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई इसी व्यापक अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा रही है।

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