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“मिशन शक्ति 5.0: गांव-गांव पहुंची संतकबीरनगर पुलिस, महिलाओं से कहा—अन्याय सहें नहीं, आवाज उठाएं”

  • संतकबीरनगर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस का जागरूकता अभियान, 
  • एंटी रोमियो टीमों ने बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं व छात्राओं को हेल्पलाइन की दी जानकारी

संत कबीर नगर। उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति 5.0 द्वितीय चरण अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस ने महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को लेकर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, आत्मरक्षा के उपायों तथा आपात स्थिति में उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।

अभियान का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि पुलिस ने केवल थाने तक सीमित रहने के बजाय बाजारों, स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर सीधे महिलाओं एवं आमजन से संवाद किया। महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने ग्राम चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनने तथा उनके विधिपूर्ण एवं त्वरित निस्तारण के लिए संवाद स्थापित किया।

बाजारों और स्कूलों में पहुंचीं एंटी रोमियो टीमें

अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों की एंटी रोमियो टीमों ने महिलाओं, बालिकाओं और स्कूली छात्राओं को महिला अपराधों की रोकथाम, अधिकारों की जानकारी और आत्मरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया।

कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने मगहर, कबीर स्थली, नवीन मंडी तथा संतकबीर आचार्य राम विलास इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम किया। महिला थाना पुलिस ने बैंक चौराहा पर लोगों से संवाद किया।

इसी क्रम में धनघटा पुलिस ने धनघटा चौराहा, सुरैना चौराहा और गागरगाड़, महुली पुलिस ने मरियम मेमोरियल दिल्ली पब्लिक स्कूल, परसौना, मेंहदावल पुलिस ने गुलरिहा, बखिरा पुलिस ने बेगम इसहाक इंटर कॉलेज बखिरा तथा धर्मसिंहवा पुलिस ने रैधरपार, महादेवानानकार और मुसहरा में महिलाओं एवं छात्राओं को जागरूक किया।

पुलिस टीमों ने इस दौरान पंपलेट वितरित कर महिला सुरक्षा से जुड़े जरूरी संदेश भी दिए।


संकट के समय इन नंबरों की जानकारी जरूरी

जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि आपात स्थिति में 112, महिला संबंधी सहायता के लिए 1090, चिकित्सा सहायता के लिए 108, बच्चों की सहायता के लिए 1098 तथा साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। साइबर अपराध की शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल की जानकारी भी दी गई।

ऐसी जानकारियां विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हैं, जहां कई बार पीड़ित या उनके परिवारों को यह जानकारी नहीं होती कि संकट की स्थिति में किस सरकारी सेवा से संपर्क किया जाए।


ग्राम चौपाल बनी संवाद का माध्यम

अभियान में ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद पर भी जोर दिया गया। महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं, आत्मरक्षा के उपायों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी।

पुलिस ने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के अन्याय या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें और निडर होकर अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाएं। ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के विधिपूर्ण और त्वरित निस्तारण का भरोसा भी दिलाया गया।

जागरूकता के साथ कार्रवाई भी होगी कसौटी

मिशन शक्ति जैसे अभियानों में जागरूकता कार्यक्रम निश्चित रूप से जरूरी हैं, लेकिन महिला सुरक्षा की वास्तविक परीक्षा केवल पंपलेट वितरण और जागरूकता बैठकों से नहीं होगी। इसकी प्रभावशीलता इस बात से भी तय होगी कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस कितनी तेजी से कार्रवाई करती है, पीड़ित महिलाओं को कितना भरोसा मिलता है और संवेदनशील मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी रहती है।


इसी तरह एंटी रोमियो टीमों की नियमित मौजूदगी, स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रभावी निगरानी तथा महिलाओं की शिकायतों के फॉलोअप को भी अभियान का स्थायी हिस्सा बनाया जाना जरूरी है।

समीक्षात्मक दृष्टि से देखें तो, मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य तभी पूरी तरह सफल माना जाएगा, जब जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और सरकारी सहायता तक आसान पहुंच भी लगातार सुनिश्चित हो।

संतकबीरनगर पुलिस के अनुसार महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को लेकर जागरूकता और निगरानी अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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