(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
मगहर/संतकबीरनगर। आगामी गणेश चतुर्थी सहित अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार, 16 सितंबर 2026 को पुलिस चौकी मगहर परिसर में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान संभावित समस्याओं, सुरक्षा व्यवस्था और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर चर्चा हुई।
बैठक में मगहर कस्बे के गणेश प्रतिमा आयोजकों के साथ डीजे संचालक, विद्युत विभाग एवं नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि, सभासद और स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे। अधिकारियों ने आयोजकों तथा स्थानीय लोगों से त्योहार के दौरान सामने आने वाली संभावित समस्याओं के बारे में जानकारी ली और शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।
विसर्जन स्थल को लेकर पुराने राजस्व रिकॉर्ड का मुद्दा सामने आया
बैठक के दौरान गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थल को लेकर एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आया। पुलिस के अनुसार, संबंधित स्थल राजस्व अभिलेखों में ‘धोबी घाट’ के रूप में दर्ज है। इसको लेकर धोबी समुदाय के कुछ लोगों द्वारा पूर्व में आपत्ति व्यक्त किए जाने की बात सामने आई।
मामला संवेदनशील होने के कारण बैठक के बाद क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद सहित संबंधित अधिकारियों, संभ्रांत नागरिकों और धोबी समुदाय के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर मगहर घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी पक्षों से बातचीत कर उनकी बात सुनी गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस के मुताबिक, वर्तमान समय में प्रतिमा विसर्जन को लेकर मौके पर कोई विवाद अथवा समस्या सामने नहीं आई है। हालांकि, राजस्व अभिलेख में दर्ज भूमि के स्वरूप और धार्मिक आयोजन के दौरान उसके उपयोग से जुड़े सवालों को समय रहते स्पष्ट रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा, ताकि त्योहार के दौरान किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
संवाद और समन्वय पर प्रशासन का जोर
पीस कमेटी की बैठक का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आयोजकों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। त्योहारों के दौरान डीजे, बिजली व्यवस्था, प्रतिमा स्थापना और विसर्जन जैसे विषयों पर स्पष्ट व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के सामने प्रमुख चुनौती रहेगी।
ऐसे में बैठक और स्थल निरीक्षण को प्रशासन की पूर्व तैयारी और संवाद आधारित व्यवस्था के रूप में देखा जा सकता है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि तय दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी अनुपालन होता है और विसर्जन स्थल पर सभी पक्षों के बीच बनी सहमति त्योहार तक कायम रहती है।
इस दौरान प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दूबे, प्रभारी चौकी मगहर विनोद यादव सहित पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
मिशन संदेश के लिए मुख्य सवाल: त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ राजस्व अभिलेख में दर्ज स्थल के उपयोग से जुड़े स्थानीय आपत्तियों का स्थायी और स्पष्ट समाधान प्रशासन किस तरह सुनिश्चित करता है—यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।


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