((Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Digital)
संतकबीरनगर। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर शराब के सेवन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से संतकबीरनगर पुलिस ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों के साथ-साथ खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में पुलिस टीमों ने शराब की दुकानों का निरीक्षण करने के साथ नियमों के अनुपालन की स्थिति भी परखी।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान शराब की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और संचालन की जांच की गई। दुकानदारों एवं सेल्समैन को शासन द्वारा निर्धारित नियमों और बिक्री के समय का पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के बाद शराब की बिक्री न की जाए और दुकानों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न थाना क्षेत्रों में सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थानों और अन्य खुले स्थानों पर शराब का सेवन करने वाले लोगों की भी चेकिंग की गई। पुलिस ने ऐसे लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर शराब न पीने तथा कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक मर्यादा बनाए रखने की हिदायत दी। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर भी निगरानी रखने का दावा किया गया है।
पुलिस का यह अभियान निश्चित रूप से सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और शराब की दुकानों में संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। लेकिन सवाल यह भी है कि सघन चेकिंग का वास्तविक परिणाम क्या रहा?
पुलिस प्रेस-नोट में दुकानों की जांच और लोगों को दी गई हिदायतों का उल्लेख तो है, लेकिन कितनी दुकानों की जांच हुई, कितने लोगों की चेकिंग की गई, कितने व्यक्तियों के खिलाफ चालान या वैधानिक कार्रवाई हुई और कितनी दुकानों में नियमों का उल्लंघन मिला—इन आंकड़ों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
किसी भी अभियान की प्रभावशीलता केवल पुलिस टीमों के सड़कों पर उतरने से नहीं, बल्कि जांच के परिणाम और उसके बाद हुई कार्रवाई से भी तय होती है। यदि किसी दुकान पर निर्धारित समय के बाद बिक्री, सीसीटीवी बंद होने या अन्य अनियमितता मिलती है तो उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई हुई, यह जानकारी सार्वजनिक होने से अभियान की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और मजबूत हो सकती है।
खुले में शराबखोरी पर स्थायी निगरानी की चुनौती
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि इससे राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा एवं सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से बाजार, सड़क किनारे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुले में शराबखोरी को लेकर अक्सर स्थानीय लोगों की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
ऐसे में एक-दो दिन की चेकिंग के बजाय नियमित और क्षेत्रवार निगरानी अधिक प्रभावी हो सकती है। शराब की दुकानों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों, अवैध बिक्री, निर्धारित समय के बाद बिक्री तथा सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया जरूरी है।
सीसीटीवी की जांच के बाद उसकी नियमित निगरानी भी जरूरी
शराब की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरों की जांच अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि केवल कैमरे लगे होने से निगरानी पूरी नहीं मानी जा सकती। कैमरे चालू हैं या नहीं, रिकॉर्डिंग सुरक्षित है या नहीं और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई जा सकती है या नहीं—इन बिंदुओं की नियमित जांच अधिक महत्वपूर्ण है।
यदि सीसीटीवी व्यवस्था केवल औपचारिकता बनकर रह जाए तो उसका उद्देश्य कमजोर पड़ सकता है। इसलिए पुलिस और आबकारी विभाग के स्तर से संयुक्त एवं नियमित निरीक्षण की व्यवस्था अभियान को अधिक प्रभावी बना सकती है।
संतकबीरनगर पुलिस ने अभियान को आगे भी जारी रखने की बात कही है। यही इस पूरी कवायद का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है। यदि चेकिंग केवल विशेष अभियान तक सीमित न रहकर नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनती है, तो शराब की दुकानों पर नियमों के पालन और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर प्रभावी नियंत्रण की संभावना बढ़ेगी।
फिलहाल पुलिस की पहल को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से सकारात्मक कदम माना जा सकता है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता का आकलन की गई कार्रवाई, सामने आए उल्लंघनों और भविष्य में सार्वजनिक शराबखोरी में आने वाले बदलाव के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
मिशन संदेश की पड़ताल का सवाल यही है—क्या ऐसे अभियान केवल हिदायत तक सीमित रहेंगे या नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार और दिखाई देने वाली कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी? आम जनता को भी यही अपेक्षा है कि शराब की दुकानों की निगरानी के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और उससे जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई लगातार दिखाई दे।



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