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पर्पल फेयर में दिखा दिव्यांगजनों का हुनर, सशक्तीकरण के साथ अधिकारों की जानकारी का संदेश



संत कबीर नगर। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उनके अधिकारों और सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सीआरसी गोरखपुर की ओर से संत कबीर नगर में पर्पल फेयर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और विभिन्न संस्थाओं की प्रदर्शनी के माध्यम से समावेशन का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी, धनघटा विधायक गणेश चौहान, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त उत्तर प्रदेश प्रो. हिमांशु शेखर झा, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

उपकरणों के साथ अधिकारों की जानकारी पर जोर

पर्पल फेयर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कान की मशीन, कमर की बेल्ट और घुटने की बेल्ट सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए।

राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा ने कहा कि पर्पल फेयर दिव्यांगजनों के समावेशन का माध्यम है। वहीं सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में आसपास के आकांक्षी जनपदों में ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। संत कबीर नगर में जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सुविधाओं के साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।


खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी प्रतिभा

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि दिव्यांगजनों को केवल योजनाओं और उपकरणों के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और क्षमता को सामने लाने वाले प्रतिभागी के रूप में भी मंच दिया गया। समावेशी क्रिकेट, 100 मीटर दौड़, बैडमिंटन, म्यूजिकल चेयर सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विभिन्न संस्थाओं की ओर से लगाए गए स्टॉल भी कार्यक्रम का आकर्षण रहे। इनमें रेडक्रॉस सोसायटी संत कबीर नगर, डीडीआरसी बस्ती, सृजन विशेष शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, थैलेसीमिया सोसायटी, श्री राम लखन कॉलेज फॉर स्पेशल एजुकेशन, हीमोफीलिया वेलफेयर सोसायटी गोरखपुर, प्रधानमंत्री वयोश्री दिव्याशा केंद्र, सीडीईआईसी, सीआरसी, एहसास डे केयर सेंटर, प्रेमा इंस्टीट्यूट फॉर स्पेशल एजुकेशन सहित विभिन्न संस्थाओं ने सहभागिता की।


जागरूकता के साथ फॉलोअप भी जरूरी

पर्पल फेयर जैसे आयोजन दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और सामाजिक भागीदारी का मंच उपलब्ध कराने में उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, ऐसे आयोजनों की वास्तविक सफलता इस बात से भी जुड़ी है कि कार्यक्रम के बाद जरूरतमंद लोगों को योजनाओं, प्रमाणपत्रों, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सहायक उपकरणों जैसी सुविधाओं का लाभ कितनी आसानी और निरंतरता से मिलता है।

सीआरसी निदेशक जितेंद्र यादव ने बताया कि सीआरसी गोरखपुर की सेवाएं दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी दिव्यांगजन पर्पल फेयर के अलावा सीआरसी गोरखपुर पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं का लाभ ले सकता है। उन्होंने आसपास के जनपदों में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने की बात कही।



116 प्रतिभागियों ने लिया सीआरई कार्यक्रम में हिस्सा

पर्पल फेयर को सीआरई दर्जा प्राप्त था, जिसमें 116 लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक राजेश कुमार यादव ने किया।

इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रतिभा यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, सीडीईआईसी एवं सीआरसी गोरखपुर के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके अभिभावकों ने भी सहभागिता की।

पर्पल फेयर ने यह संदेश जरूर दिया कि दिव्यांगजन केवल सहायता के पात्र नहीं, बल्कि समाज की समान भागीदारी वाले नागरिक हैं। अब जरूरत इस संदेश को नियमित सेवाओं, सुगम सुविधाओं और योजनाओं के प्रभावी लाभ तक लगातार पहुंचाने की है।

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