- संतकबीरनगर में प्रधानी चुनाव की रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा मामला, पुलिस पहले आठ आरोपियों को भेज चुकी है जेल
Report by- Mohammad Sayeed Pathan
मिशन संदेश | संतकबीरनगर। जनपद के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में चर्चित ब्रह्मानंद यादव हत्याकांड में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भगठान (गोसाईपुर) निवासी बृजेश यादव पुत्र सुरेंद्र यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को उसे भुवरिया रोड स्थित पायलपार गेट के पास से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया एक डंडा भी बरामद हुआ है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या नौ हो गई है। इससे पहले आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला कारागार भेजा जा चुका है।
रास्ते में रोककर हमला करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, घटना 22 सितंबर 2026 की है। वादी रमाकांत यादव ने कोतवाली खलीलाबाद में शिकायत देकर बताया था कि उनके भाई ब्रह्मानंद यादव गिठनी बाजार जा रहे थे। इसी दौरान राकेश यादव के घर के सामने कथित तौर पर उनकी बुलेट मोटरसाइकिल रोककर उनकी आंखों में पिसी लाल मिर्च डाल दी गई। इसके बाद लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया गया।
शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो ब्रह्मानंद यादव गंभीर रूप से घायल मिले। सूचना पर पहुंची सहायता के बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा संख्या 890/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुरानी रंजिश और प्रधानी चुनाव का विवाद जांच के केंद्र में
पुलिस की ओर से जारी पूछताछ के विवरण के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने कथित तौर पर गांव की प्रधानी और पुरानी मारपीट को लेकर विवाद होने की बात कही। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि 18 मई 2026 को भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसके संबंध में पहले मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से यह भी बताया कि पुरानी रंजिश के चलते ब्रह्मानंद यादव को रास्ते से हटाने और आगामी प्रधानी चुनाव में रमाकांत यादव को हराने की योजना बनाई गई थी। आरोप है कि 22 सितंबर को ब्रह्मानंद यादव पर हमला किया गया और राकेश यादव ने लोहे की गैंती से भी वार किया।
हालांकि, ये बातें पुलिस की ओर से जारी पूछताछ के विवरण पर आधारित हैं। मामले में आरोपों और कथित स्वीकारोक्ति की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। आरोपी को दोषी ठहराने का अंतिम अधिकार न्यायालय को है।
एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, हेड कांस्टेबल मोहन कुमार, कांस्टेबल अरुण कुमार, प्रशांत विक्रम सिंह, भूपेंद्र प्रताप सिंह, शुभम तिवारी तथा महिला कांस्टेबल खुशी और अंजूलता देवी शामिल रहीं।
नौ गिरफ्तारियां, अब साक्ष्यों की कसौटी पर मामला
ब्रह्मानंद यादव हत्याकांड में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई की महत्वपूर्ण कड़ी है। लेकिन इस मामले में केवल गिरफ्तारियों की संख्या ही नहीं, बल्कि घटनाक्रम के सभी पहलुओं, हथियारों की बरामदगी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों का न्यायिक परीक्षण भी अहम होगा।
अब देखना होगा कि विवेचना में पुलिस किन साक्ष्यों के आधार पर घटना में प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका स्थापित करती है और अदालत में आरोपों को किस तरह साबित किया जाता है।
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