विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम: समय पर पहचान और उपचार से बदली जा सकती है जिंदगी
गोरखपुर। विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis-MS) दिवस के अवसर पर सीआरसी (Composite Regional Centre) गोरखपुर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Programme) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, युवाओं, दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को इस गंभीर लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारी के प्रति जागरूक करना था, ताकि समय रहते इसकी पहचान और उचित उपचार संभव हो सके।
कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन (Resource Person) श्री राजेश कुमार एवं डॉ. विजय गुप्ता ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षण, निदान (Diagnosis), प्रबंधन (Management) और उपचार की उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) गलती से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर हमला करने लगती है। इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान प्रभावित होता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों में लगातार थकान, हाथ-पैरों में कमजोरी, संतुलन बनाए रखने में कठिनाई, दृष्टि संबंधी समस्याएं, मानसिक तनाव और याददाश्त में कमी शामिल हो सकती हैं। यदि समय रहते इन संकेतों को पहचाना न जाए तो रोगी धीरे-धीरे शारीरिक एवं मानसिक दिव्यांगता की ओर बढ़ सकता है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों पर पड़ता है। बीमारी से पीड़ित युवाओं की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन प्रभावित हो सकता है। कई बार रोगी अवसाद (Depression), सामाजिक अलगाव और आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करते हैं। ऐसे में समाज की संवेदनशीलता और परिवार का सहयोग रोगियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) ने काफी प्रगति की है और उचित दवाओं, फिजियोथेरेपी (Physiotherapy), काउंसलिंग (Counselling) तथा नियमित चिकित्सा परामर्श के माध्यम से रोगी बेहतर जीवन जी सकते हैं। इसलिए बीमारी को छिपाने के बजाय उसके बारे में खुलकर जानकारी साझा करना और विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क करना आवश्यक है।
हर वर्ष 30 मई को मनाया जाने वाला विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस दिवस दुनिया भर में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित लोगों के अधिकारों एवं आवश्यकताओं को सामने लाने का अवसर प्रदान करता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ दिव्यांगता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने आयोजन की सफलता पर सभी प्रतिभागियों और विशेषज्ञों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, स्वास्थ्यकर्मियों, दिव्यांगजनों एवं आम नागरिकों ने सहभागिता कर स्वास्थ्य जागरूकता के इस अभियान को सफल बनाया।
संदेश स्पष्ट है— मल्टीपल स्क्लेरोसिस की समय पर पहचान, सही उपचार और सामाजिक सहयोग से प्रभावित व्यक्तियों का जीवन अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
#WorldMSDay #MultipleSclerosis #विश्व_मल्टीपल_स्क्लेरोसिस_दिवस #MSAwareness #HealthAwareness #जनजागरूकता #स्वास्थ्य_जागरूकता #CRCGorakhpur #DisabilityAwareness #दिव्यांगजन_सशक्तिकरण #NeurologicalDisorder #InclusiveSociety #Healthcare #EarlyDiagnosis #HealthyLife #गोरखपुर #MedicalAwareness #MentalHealth #SocialAwareness #MissionSandeshNews

Comments
Post a Comment