कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला थाना प्रभारी पूनम मौर्या ने की। इस दौरान महिला कांस्टेबल विनीता सिंह, रम्भा यादव तथा परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर रिफातुल्लाह अंसारी ने दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आपसी मतभेद दूर कराने का प्रयास किया। लगातार संवाद और समझाइश के बाद सभी छह मामलों में दोनों पक्ष सहमति से अपने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने को तैयार हो गए।
परामर्श केंद्र में मेहदावल, बेलहरकला, दुधारा, बखिरा, खलीलाबाद और महुली थाना क्षेत्रों से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। प्रत्येक मामले में पति-पत्नी अथवा संबंधित पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया गया और आपसी सहमति के आधार पर समझौता कराया गया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित 'साथ-साथ कार्यक्रम' का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद, काउंसलिंग और आपसी विश्वास के माध्यम से टूटते परिवारों को बचाना भी है। परिवार परामर्श केंद्र की यह पहल सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।
महिला थाना परिवार परामर्श केंद्र द्वारा एक ही दिन में छह परिवारों के बीच सुलह-समझौता कराया जाना इस बात का संकेत है कि संवेदनशील काउंसलिंग और सकारात्मक हस्तक्षेप से कई पारिवारिक विवादों का समाधान अदालतों के बजाय आपसी सहमति से भी संभव है।


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