Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता पुनर्गठित समिति के संयोजक प्रभात कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र भेजकर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना लागू करने और पत्रकारों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज और सरकार के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
प्रभात त्रिपाठी ने अपने पत्र में कहा कि इतिहास से लेकर वर्तमान तक पत्रकारों ने समाज को सही दिशा देने और जनहित के मुद्दों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गणेश शंकर विद्यार्थी और बाबूराव विष्णु पराड़कर जैसे पत्रकारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज ईमानदारी से पत्रकारिता करने वाले अनेक वरिष्ठ पत्रकार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों में वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजनाएं लागू हैं। बिहार सरकार द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों को ₹15,000 मासिक पेंशन तथा निधन के बाद उनकी पत्नी को ₹10,000 पेंशन देने का उदाहरण देते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार की योजना लागू करने की मांग की।
संयोजक ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से वे विभिन्न माध्यमों से मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
प्रभात त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेश भर के पत्रकारों के साथ लखनऊ में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन, धरना-प्रदर्शन तथा मुख्यमंत्री आवास के घेराव जैसे कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से वरिष्ठ पत्रकार पेंशन योजना लागू करने, पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं के समाधान तथा पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र वार्ता का अनुरोध किया है।
(समाचार स्रोत फेसबुक प्रभात कुमार त्रिपाठी)

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