(Post adit by Mohammad Sayeed Pathan)
रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर मंडरा रहे संकट के बीच समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फातिमा का भावुक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जब सत्ता और प्रशासन के स्तर पर इंसान को हर रास्ता बंद दिखाई देने लगे, तब उसकी सबसे बड़ी ताकत सिर्फ अल्लाह का इंसाफ और उस पर अटूट भरोसा रह जाता है।
डॉ. तजीन फातिमा ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के सपनों, शिक्षा और भविष्य से जुड़ा एक संस्थान है। उनके अनुसार, यदि किसी भी प्रकार का विवाद है तो उसका समाधान कानून और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए, न कि ऐसी कार्रवाई से जिससे एक शैक्षणिक संस्थान का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाए।
उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि एक परिवार खुद को चारों ओर से घिरा हुआ महसूस कर रहा है। इसके बावजूद उन्हें विश्वास है कि इंसाफ की अंतिम अदालत ऊपर वाले की है, जहां किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया की अदालतों में फैसले आने में समय लग सकता है, लेकिन ईश्वर के न्याय में देर हो सकती है, अंधेर नहीं।
डॉ. तजीन फातिमा ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी और वे संविधान तथा न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखती हैं। साथ ही उन्होंने अपने संघर्ष को अल्लाह के सुपुर्द करते हुए कहा कि हर कठिन परीक्षा के बाद राहत का समय भी आता है।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है। एक पक्ष इसे नियमों के उल्लंघन पर प्रशासनिक कार्रवाई बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे शिक्षा और एक परिवार के खिलाफ कठोर कदम के रूप में देख रहा है। ऐसे माहौल में डॉ. तजीन फातिमा का यह बयान केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक गहरी भावनात्मक अपील के रूप में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, मामले का अंतिम निर्णय न्यायिक एवं वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा। ऐसे में सभी पक्षों की दलीलों और अदालत के आदेशों का सम्मान करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है।
(नोट- खबर से संबंधित बयान को अब्दुल्ला आजम खान के फेसबुक पोस्ट से लिया गया बयान है, मिशन संदेश इसकी पुष्टि नहीं करता)

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