(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और तटबंधों के कटान जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी कर ली जाएं।
बैठक में ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि नदियों के बढ़ते जलस्तर पर विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है। अपर जिलाधिकारी ने सभी तटबंधों की नियमित मॉनिटरिंग करने, राहत चौपाल एवं राहत शिविरों के लिए चिन्हित स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने बच्चों, वृद्धों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों का पूर्व चिन्हांकन, नौकाओं का सत्यापन, विद्युत पोल एवं तारों की सुरक्षा, आपातकालीन मार्गों की पहचान, नियमित साफ-सफाई तथा प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक बाढ़ संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ एक आकस्मिक आपदा है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय समस्याओं का समय रहते समाधान करें।
समीक्षा
हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरता है। ऐसे में पूर्व तैयारी, विभागीय समन्वय और राहत व्यवस्था की समय रहते समीक्षा सकारात्मक कदम है। हालांकि इन बैठकों की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब निर्देश धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हों। तटबंधों की निगरानी, राहत शिविरों की तैयारियां और संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते कार्रवाई ही संभावित जन-धन हानि को कम करने में निर्णायक साबित होगी।

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