(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। विश्वास किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होता है, लेकिन जब उसी विश्वास का इस्तेमाल छल और शोषण के लिए किया जाए, तो पीड़िता केवल अपराध ही नहीं, बल्कि गहरे मानसिक आघात की भी शिकार होती है। संतकबीरनगर में ऐसे ही एक संवेदनशील मामले में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म कराने और पूरे घटनाक्रम की साजिश में शामिल एक दंपती को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में पुलिस ने मुकदमा संख्या 284/2026 में वांछित अनिल कुमार और उनकी पत्नी सोनी, निवासी जैती थाना बेलघाट (गोरखपुर), को रजिस्ट्री कार्यालय तिराहा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 17 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि राहुल नामक युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और मारपीट की। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से सामने आया कि गिरफ्तार दंपती ने भी युवती को बहला-फुसलाकर भगाने और अपराध को अंजाम दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसी आधार पर मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए दोनों को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी राहुल को पुलिस पहले ही 22 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में अपराध निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, कांस्टेबल विशाल कुमार सिंह तथा महिला कांस्टेबल दिव्यांशी श्रीवास्तव शामिल रहीं।
समीक्षा
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास के साथ किए गए छल का भी गंभीर उदाहरण है। शादी का झांसा देकर महिलाओं का शोषण करने और उसमें अन्य लोगों की भूमिका सामने आना समाज के लिए चिंताजनक संकेत है। ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित विवेचना और साजिश में शामिल प्रत्येक व्यक्ति तक कानून का पहुंचना यह संदेश देता है कि महिला अपराधों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, यह घटना युवतियों और उनके परिवारों को रिश्तों में सतर्कता तथा कानूनी जागरूकता अपनाने की भी सीख देती है।

Post a Comment