(Report- and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं से भी उसका गहरा जुड़ाव है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए संतकबीरनगर पुलिस ने थाना महुली क्षेत्र के ग्राम कलान में माता-पिता का साया खो चुके चार मासूम बच्चों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षा, सहयोग और अपनत्व का भरोसा दिया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस टीम ने बच्चों से मुलाकात कर उनकी परिस्थितियों का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि वे स्वयं को कभी अकेला न समझें, क्योंकि हर कठिन परिस्थिति में पुलिस उनके साथ खड़ी रहेगी।
जानकारी के अनुसार, चारों बच्चे माता-पिता के निधन के बाद बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे समय में गांव के सामाजिक एवं जागरूक नागरिकों ने आगे आकर उनके रहने, भोजन और देखभाल की जिम्मेदारी संभालते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
थानाध्यक्ष महुली ने बच्चों की आवश्यकताओं की जानकारी लेने के साथ अपना मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया और कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या आवश्यकता होने पर वे अथवा उनके संरक्षक तत्काल थाना पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने हरसंभव सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
इस दौरान पुलिस ने गांव के लोगों से भी अपील की कि वे इन बच्चों को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी मानते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य जरूरतों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या समस्या की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया।
यह पहल इस बात का संदेश देती है कि आधुनिक पुलिसिंग केवल अपराधियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशीलता भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हालांकि, ऐसे मामलों में यह भी आवश्यक है कि पुलिस की पहल के साथ-साथ जिला प्रशासन, बाल संरक्षण इकाई और समाज कल्याण विभाग भी दीर्घकालिक पुनर्वास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि इन मासूम बच्चों का भविष्य सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सके।

Post a Comment