(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संत कबीर नगर, 18 जुलाई। जिले में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को नगर पंचायत हैंसर बाजार, घनघटा स्थित नव निर्मित कान्हा गो-आश्रय स्थल, कुरमौर (कुरमौल) का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने गोशाला के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
निरीक्षण में पाया गया कि गो-आश्रय स्थल पर गोवंशों के लिए चार बड़े टीन शेड, बाउंड्री वॉल, गार्ड रूम, भूसा घर तथा पेयजल की व्यवस्था के लिए समरसेबल पंप स्थापित है। यहां लगभग 200 निराश्रित गोवंशों के संरक्षण की क्षमता विकसित की गई है।
हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कमियां भी सामने आईं। गोवंशों के लिए पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था सीमित पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी से जानकारी ली, जिसमें बताया गया कि लगभग 10 बिस्वा सरकारी भूमि पर हरे चारे की बुआई कराई गई है। डीएम ने इसे अपर्याप्त मानते हुए उपजिलाधिकारी धनघटा को आसपास उपलब्ध सरकारी भूमि का तत्काल चिन्हांकन कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में गोवंशों के लिए हरे चारे की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गो-आश्रय स्थल का विद्युत कनेक्शन अभी तक नहीं मिला है, जबकि इसके लिए विद्युत विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड को तत्काल विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गोशाला परिसर में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कराने पर भी विशेष जोर दिया, ताकि गोवंशों को प्राकृतिक छाया और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल भवन निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि गो-आश्रय स्थलों का नियमित संचालन, चारे, पानी, बिजली और स्वच्छ वातावरण जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार धनघटा राजेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत हैंसर बाजार, ओएसडी राकेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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