- स्कूल-कॉलेजों के आसपास पुलिस की निगरानी तेज, छेड़खानी और अशोभनीय गतिविधियों पर सख्त चेतावनी
संतकबीरनगर। छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संतकबीरनगर पुलिस ने शोहदों और मनचलों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर थाना महुली पुलिस ने ‘ऑपरेशन मजनू’ के तहत स्कूल-कॉलेजों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने थाना क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, प्रमुख मार्गों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की। इस दौरान अनावश्यक रूप से घूमने वाले युवकों, छात्राओं व महिलाओं को असहज करने वाली गतिविधियों में संलिप्त लोगों तथा कम उम्र में वाहन चलाने वाले किशोरों की चेकिंग की गई।
पुलिस के अनुसार, रास्तों में अशोभनीय हरकत, छेड़खानी अथवा अनुचित व्यवहार करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई और परिस्थितियों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 12 व्यक्तियों से माफीनामा कराया गया तथा उन्हें भविष्य में इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति न करने की कड़ी हिदायत दी गई।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, रोकथाम पर भी जोर
महुली पुलिस की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अभियान को केवल मनचलों की धरपकड़ तक सीमित रखने के बजाय निवारक उपायों से भी जोड़ा गया है। स्कूल-कॉलेजों के आसपास अनावश्यक रूप से घूमना, छात्राओं का पीछा करना, अशोभनीय टिप्पणी करना या महिलाओं को असहज करने वाली गतिविधियों को पुलिस ने गंभीरता से लेने का संदेश दिया है।
हालांकि, ऐसे अभियानों की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब शिक्षण संस्थानों के आसपास नियमित निगरानी के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और छात्राओं के बीच पुलिस के प्रति भरोसा भी लगातार मजबूत हो। माफीनामे और चेतावनी जैसे कदम तत्काल प्रभाव डाल सकते हैं, लेकिन गंभीर या बार-बार होने वाले मामलों में कानून के तहत कठोर कार्रवाई भी जरूरी है।
कम उम्र में वाहन चलाने वालों को चेताया
अभियान के दौरान कम उम्र में वाहन चलाने वाले किशोरों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को समय से पहले वाहन न दें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है और इसका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ सकता है।
बेटियों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
महुली पुलिस के इस अभियान का व्यापक संदेश यह है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल बनाने के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ परिवार, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भूमिका भी आवश्यक है।
महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक ‘ऑपरेशन मजनू’ आगे भी जारी रहेगा। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी मनचले अथवा संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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