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आईजीआरएस निस्तारण में संतकबीरनगर प्रदेश में अव्वल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 पुलिसकर्मी सम्मानित


  • जुलाई की रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर एसपी ने बांटे नगद पुरस्कार, गुणवत्तापूर्ण जनसुनवाई को बताया पुलिसिंग की पहली कसौटी

(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)

संतकबीरनगर। जनशिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में संतकबीरनगर पुलिस को जुलाई माह की आईजीआरएस रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि को महज रैंकिंग तक सीमित न रखते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने जनशिकायतों के निस्तारण में बेहतर भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और थानों पर प्रभावी जनसुनवाई के लिए पुलिस विभाग द्वारा की जा रही निगरानी का यह परिणाम बताया गया है। सम्मान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले उपनिरीक्षकों को 1,500 रुपये तथा आरक्षी/कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मियों को 1,000 रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।

27 पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 27 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें कोतवाली खलीलाबाद, दुधारा, धनघटा, मेंहदावल, महुली, बखिरा, बेलहरकला, महिला थाना, धर्मसिंहवा, साइबर क्राइम थाना तथा अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

सम्मानित पुलिसकर्मियों में आईजीआरएस प्रभारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार यादव, उदयशंकर द्विवेदी, विनोद यादव, संजय कुमार, रमेशचन्द्र, जयप्रकाश यादव, संदीप राय और रमेश यादव समेत विभिन्न थानों एवं कार्यालयों में तैनात आरक्षी, महिला आरक्षी और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल रहे।

रैंकिंग से आगे असली चुनौती शिकायत का समाधान

प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करना निश्चित रूप से विभाग के लिए उपलब्धि है, लेकिन आईजीआरएस की सफलता का वास्तविक पैमाना केवल शिकायतों का निस्तारण प्रतिशत या रैंकिंग नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या का वास्तविक समाधान है। कई बार शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के बावजूद यदि शिकायतकर्ता की मूल समस्या बनी रहती है तो ऐसी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ सकते हैं।

यही कारण है कि पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को केवल समयसीमा पूरी करने के बजाय शिकायतों के समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देने का निर्देश दिया। यह दृष्टिकोण आईजीआरएस व्यवस्था को महज प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय जवाबदेह पुलिसिंग का माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

एसपी ने कहा- पीड़ित को न्याय दिलाना प्राथमिकता

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने सम्मानित पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। पीड़ित को न्याय दिलाना और उसकी समस्या का प्रभावी समाधान करना पुलिस का प्रमुख दायित्व है।

उन्होंने कहा कि आईजीआरएस में जिले की उपलब्धि सामूहिक प्रयास, बेहतर पर्यवेक्षण और जनशिकायतों के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम है। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों-कर्मचारियों से भविष्य में भी इसी जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ काम जारी रखने की अपेक्षा की।

कुल मिलाकर, जुलाई की आईजीआरएस रैंकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान संतकबीरनगर पुलिस के लिए उत्साहवर्धक उपलब्धि है। अब चुनौती इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने के साथ यह सुनिश्चित करने की है कि पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक शिकायत का निस्तारण कागजी कार्रवाई के बजाय वास्तविक राहत और न्याय में तब्दील हो।

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