संत कबीर नगर। खलीलाबाद में राज्य कर विभाग द्वारा होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई व्यवसायियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में जीएसटी से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। शासन और राज्य कर मुख्यालय के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में व्यापारियों ने कर व्यवस्था के अनुपालन में आने वाली कठिनाइयों को अधिकारियों के समक्ष विस्तार से रखा, जबकि विभाग ने समस्याओं के त्वरित समाधान और व्यापार-अनुकूल वातावरण विकसित करने का आश्वासन दिया।
बैठक में व्यापारियों ने रेस्टोरेंट एवं होटल पर लागू जीएसटी दरों, कंपोजिशन स्कीम, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), ई-इनवॉइसिंग, ई-वे बिल, बिलिंग सॉफ्टवेयर, मिठाई एवं खाद्य पदार्थों के वर्गीकरण, टेकअवे और डाइन-इन पर अलग-अलग कर निर्धारण तथा रिटर्न फाइलिंग जैसी व्यावहारिक चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही कर निर्धारण, संवीक्षा और विभागीय सूचनाओं के शीघ्र निस्तारण की मांग भी की गई।
राज्य कर अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सहयोगात्मक रवैया अपनाने का भरोसा दिया। अधिकारियों ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कर संग्रह नहीं, बल्कि नियमों का सरल अनुपालन सुनिश्चित करते हुए व्यापारियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी है। कार्यक्रम में जीएसटी अनुपालन, कंपोजिशन स्कीम और विभागीय सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई।
समीक्षात्मक दृष्टि
ऐसे संवाद कार्यक्रम प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। हालांकि, इन बैठकों की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से किया जाता है। यदि केवल आश्वासनों तक ही संवाद सीमित रह जाए तो व्यापारियों की व्यावहारिक परेशानियाँ जस की तस बनी रहेंगी। इसलिए विभाग के लिए यह आवश्यक होगा कि बैठक में प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई कर उसका परिणाम भी सार्वजनिक करे।
कार्यक्रम में राज्य कर विभाग की ओर से डिप्टी कमिश्नर राजेश पाण्डेय, डिप्टी कमिश्नर विनय गुप्ता, सहायक आयुक्त धम्म प्रिय तथा ब्रिजेश सरोज उपस्थित रहे। वहीं व्यापारिक समुदाय की ओर से अधिवक्ता श्रवण अग्रहरी, अधिवक्ता पतंजलि अग्रहरी, विकाश श्रीवास्तव (लालाजी हांड़ी चिकन), इम्तियाज अहमद (कासर स्वीट्स), हरीओम (गोकुल स्वीट्स), अमित यादव (कस्तूरी स्वीट्स) सहित 25 से अधिक व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं ने सहभागिता की।

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