(Report Mohammad Sayeed Pathan accredited journalist)
संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में मदरसा जाने के दौरान आठ वर्षीय बालक के लापता होने की सूचना से परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तत्काल तलाश शुरू की और कुछ ही समय में बालक को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, शास्त्री नगर, गोला बाजार निवासी मोहम्मद आरिस (8) को उसके पिता नसरुद्दीन रविवार सुबह करीब आठ बजे मदरसा बंजरिया पश्चिम के गेट के पास छोड़कर घर चले गए थे। कुछ समय बाद परिजनों को पता चला कि आरिस मदरसे में पहुंचा ही नहीं है। बालक के अचानक लापता होने की जानकारी मिलते ही परिवार में चिंता बढ़ गई।
नसरुद्दीन अपनी पत्नी के साथ तत्काल कोतवाली खलीलाबाद पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए बालक की तलाश शुरू कर दी। चीता मोबाइल गोला बाजार पर तैनात आरक्षी जितेंद्र सोनी और आरक्षी जनार्दन प्रसाद ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन तेज कर दी।
पुलिसकर्मियों की सक्रियता का नतीजा रहा कि बालक मोहम्मद आरिस गोला बाजार स्थित टावर के पास सकुशल घूमता हुआ मिल गया। पुलिस ने बालक को सुरक्षित बरामद करने के बाद उसके माता-पिता को सौंप दिया।
सतर्कता ने टाली बड़ी अनहोनी
घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण रही। बालक के मदरसे में न पहुंचने और उसके लापता होने की सूचना के बीच पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय तत्काल जमीनी स्तर पर तलाश शुरू की। कुछ ही समय में बालक की बरामदगी ने जहां परिजनों को राहत दी, वहीं पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया भी सामने आई।
बालक को सकुशल पाकर माता-पिता ने राहत की सांस ली और कोतवाली खलीलाबाद पुलिस की तत्परता के लिए आभार जताया। हालांकि, घटना यह भी संकेत देती है कि छोटे बच्चों को किसी संस्थान तक छोड़ने के बाद उनकी सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना परिवार और संबंधित संस्थान दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

Post a Comment