(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संत कबीर नगर । थाना समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र और तहसीलदार धनघटा ने संयुक्त रूप से थाना महुली पहुंचकर पुलिस एवं राजस्व विभाग से जुड़ी जनसमस्याओं की सुनवाई की। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर जाकर शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामलों तथा पुलिस से जुड़ी शिकायतों को लेकर पहुंचे फरियादियों की समस्याएं अधिकारियों ने सुनीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजस्व और पुलिस विभाग से संबंधित मामलों में दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जहां विवाद की प्रकृति राजस्व और पुलिस दोनों विभागों से जुड़ी हो, वहां संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सिर्फ निस्तारण नहीं, शिकायत की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण
अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे। फरियादी की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए और कार्रवाई की गुणवत्ता की भी जांच हो। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद अधिकारियों ने थाना परिसर में शिकायत पंजिका का निरीक्षण किया। पूर्व में निस्तारित शिकायतों की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित फरियादियों से फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है क्योंकि किसी शिकायत को निस्तारित दर्ज कर देना और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ उसका वास्तविक समाधान होना, दोनों अलग-अलग पहलू हैं।
समाधान दिवस की असली कसौटी मौके पर समाधान
थाना समाधान दिवस का उद्देश्य पुलिस और राजस्व विभाग से संबंधित स्थानीय समस्याओं को एक ही मंच पर सुनकर उनका प्रभावी समाधान करना है। ऐसे में अधिकारियों का संयुक्त निरीक्षण और निस्तारित मामलों का फीडबैक लेने की प्रक्रिया शिकायत निस्तारण की जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
हालांकि, समाधान दिवस की प्रभावशीलता का वास्तविक आकलन कितनी शिकायतें आईं, कितनी का मौके पर समाधान हुआ और कितने मामलों में बाद में वास्तविक राहत मिली, इन आंकड़ों से ही किया जा सकता है। केवल निर्देश और पंजिका निरीक्षण के बजाय शिकायतों के फॉलोअप और शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर निरंतर निगरानी से ही व्यवस्था में स्थायी सुधार संभव है।
इस दौरान पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

Post a Comment