संतकबीरनगर। आमजन की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए सोमवार को तहसील मेंहदावल में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना एवं अपर जिलाधिकारी ने पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित रखने के बजाय संबंधित विभागों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करते हुए निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों को लेकर पहुंचे फरियादियों से अधिकारियों ने सीधे संवाद किया। शिकायतों की प्रकृति और उससे जुड़े तथ्यों को समझने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक मामले में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई हो।
पुलिस-राजस्व समन्वय पर विशेष जोर
संपूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले और पुलिस से जुड़े प्रकरण अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में विभागीय समन्वय की कमी शिकायतों के निस्तारण में देरी का कारण बन सकती है। इसे देखते हुए एसपी ने पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों को आपसी समन्वय और सामंजस्य के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों से कहा गया कि जिन शिकायतों में संयुक्त जांच अथवा मौके पर सत्यापन की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभागों की टीम मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच करे और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
‘निस्तारण’ नहीं, शिकायतकर्ता की संतुष्टि हो प्राथमिकता
अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। स्पष्ट किया गया कि किसी शिकायत को कागजों पर निस्तारित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान हुआ या नहीं।
इस दौरान अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा खानापूर्ति को गंभीरता से लिया जाएगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पुरानी शिकायतों का भी लिया फीडबैक
समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने शिकायत पंजिका का निरीक्षण कर पूर्व में दर्ज एवं निस्तारित शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की। पूर्व शिकायतकर्ताओं से निस्तारण के संबंध में फीडबैक लिए जाने पर जोर दिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कागजी कार्रवाई के बाद वास्तव में समस्या का समाधान हुआ है या नहीं।
यह पहल शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता की वास्तविक परीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अक्सर सरकारी रिकॉर्ड में किसी शिकायत के निस्तारित होने और शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने के बीच अंतर रह जाता है। ऐसे में फीडबैक व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।
प्रशासन के सामने निस्तारण की गुणवत्ता बनाए रखना चुनौती
संपूर्ण समाधान दिवस शासन की उस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलता है। हालांकि इसकी प्रभावशीलता केवल शिकायतों की संख्या अथवा निस्तारण प्रतिशत से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत कितनी मिली।
मेंहदावल में एसपी और एडीएम द्वारा शिकायतों की मौके पर सुनवाई, संबंधित अधिकारियों को स्थलीय जांच के निर्देश और पूर्व निस्तारित मामलों का फीडबैक लेने की प्रक्रिया इस दिशा में सकारात्मक कदम है। अब इन निर्देशों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित विभाग शिकायतों का कितना निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करते हैं।
इस अवसर पर राजस्व एवं पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



Post a Comment