By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) से जुड़े कार्यों में संतकबीरनगर पुलिस ने अगस्त 2026 की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है। पुलिस विभाग के अनुसार जनपद पुलिस ने रैंकिंग में शामिल सभी 16 मानकों पर शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
यह रैंकिंग तकनीकी सेवाएं मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा सीसीटीएनएस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जारी की गई है। सीसीटीएनएस से संबंधित प्रदर्शन का डाटा नियमित रूप से राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) को भेजा जाता है और इसकी केंद्रीय स्तर पर मॉनीटरिंग की जाती है।
किन मानकों पर हुआ मूल्यांकन?
संतकबीरनगर पुलिस के अनुसार रैंकिंग में डेटा सिंक, शिकायत/एनओसी एवं पूर्ववृत्त सत्यापन के निस्तारण, गिरफ्तार एवं गुमशुदा व्यक्तियों के फोटो की प्रविष्टि, विभिन्न IIF प्रपत्रों की फीडिंग, एफआईआर ट्रांसफर, ICJS और Cri-MAC के उपयोग सहित कुल 16 मानकों को शामिल किया गया।
इनके अलावा ऑनलाइन CCTNS प्रशिक्षण, जिला मिशन टीम की बैठक, फील्ड यूनिट पोर्टल, जनशिकायत समीक्षा पोर्टल, अपराध विश्लेषण के माध्यम से प्रेडिक्टिव एवं प्रो-एक्टिव पुलिसिंग तथा NAFIS के उपयोग जैसे तकनीकी मानक भी रैंकिंग का हिस्सा रहे।
विभाग के अनुसार इन सभी मानकों में शत-प्रतिशत अंक हासिल किए गए हैं।
एसपी के नेतृत्व में टीमवर्क को बताया उपलब्धि का आधार
पुलिस विभाग ने इस प्रदर्शन का श्रेय पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के मार्गदर्शन, अपर पुलिस अधीक्षक एवं CCTNS नोडल अधिकारी सुशील कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी CCTNS प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय, थाना प्रभारियों और CCTNS टीम के सामूहिक प्रयासों को दिया है।
पुलिस अधीक्षक की ओर से थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को CCTNS कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और तकनीकी दक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए जाने की बात भी विभाग ने कही है।
रैंकिंग से आगे वास्तविक चुनौती
सीसीटीएनएस रैंकिंग में प्रथम स्थान निश्चित रूप से तकनीकी डेटा प्रबंधन और निर्धारित डिजिटल मानकों के अनुपालन की ओर संकेत करता है। लेकिन इसका वास्तविक महत्व तभी अधिक स्पष्ट होगा जब डिजिटल रिकॉर्ड की गुणवत्ता का लाभ जमीनी पुलिसिंग और आम नागरिकों की सेवाओं में भी दिखाई दे।
डेटा की समयबद्ध प्रविष्टि, एफआईआर का त्वरित डिजिटल हस्तांतरण, शिकायतों और सत्यापन का निस्तारण तथा ICJS, NAFIS और अपराध विश्लेषण जैसे प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग पुलिस के कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है। वहीं केवल पोर्टल पर आंकड़े पूरे होना और उन आंकड़ों का वास्तविक पुलिसिंग में प्रभावी इस्तेमाल होना दो अलग-अलग पहलू हैं।
पारदर्शिता और डेटा की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण
सीसीटीएनएस जैसी डिजिटल व्यवस्था में रैंकिंग का महत्व केवल अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। रिकॉर्ड की सटीकता, समयबद्धता, निरंतर अपडेट और वास्तविक मामलों से उसका मेल भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए इस उपलब्धि के साथ भविष्य में डेटा की गुणवत्ता और उसके आधार पर अपराध विश्लेषण एवं पुलिस प्रतिक्रिया को और मजबूत करना महत्वपूर्ण चुनौती रहेगी।
फिलहाल अगस्त 2026 की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में प्रथम स्थान और सभी 16 मानकों पर शत-प्रतिशत अंक संतकबीरनगर पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली और टीम समन्वय से जुड़ी उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

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